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दो करोड़ के गबन में लेखापाल को उम्रकैद

ऑनलाइन गेमिंग व पर्सनल लोन में खर्च किया पैसा
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Mar 13, 2026
Cyber Fraud
साइबर ठगी के नए तरीके से सावधान! (Photo Source- Patrika)

धार. जिले की अदालत ने निजी कंपनी में करीब दो करोड़ रुपए के गबन के मामले में आरोपी लेखापाल को कड़ी सजा सुनाई है। जिला न्यायालय के चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी राघव राजपूत (38) निवासी इंदौर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही गबन की गई राशि के बराबर अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला पीथमपुर स्थित मैसर्स शक्ति एरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का है, जहां आरोपी सीनियर अकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2021-22 के दौरान उसने वेंडरों को किए जाने वाले भुगतान को फर्जी तरीके से अपने दो बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। इस तरह कुल 1 करोड़ 97 लाख 73 हजार 717 रुपए की हेराफेरी की गई। कंपनी की ऑडिट टीम द्वारा गड़बड़ी सामने आने पर प्रबंधन ने पीथमपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने वर्ष 2022 में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।

ऑनलाइन गेमिंग और लोन में उड़ाए पैसे

जांच में सामने आया कि आरोपी ने गबन की गई रकम का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग खेलने और अपने पर्सनल लोन चुकाने में किया था।

17 गवाह और 88 दस्तावेजी साक्ष्य

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 88 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल, लैपटॉप, ईमेल और बैंक खातों की जानकारी भी साक्ष्य के रूप में पेश की गई। करीब चार साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को धारा 467 के तहत आजीवन कारावास तथा अन्य धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक शरद कुमार पुरोहित ने पैरवी की।

Updated on:
13 Mar 2026 02:19 pm
Published on:
13 Mar 2026 02:19 pm