
Panchna Dam Dispute। फोटो पत्रिका नेटवर्क
गंगापुरसिटी (सवाईमाधोपुर)। वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के कुसांय गांव में हिंडौन-गंगापुर मुख्य मार्ग पर कमांड एरिया के किसानों का धरना और सड़क जाम बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। किसान पांचना बांध से नहरों में पहले की तरह पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि जब तक नहरों में पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक न जाम हटेगा और न ही धरना समाप्त होगा।
कानून-व्यवस्था के मद्देनजर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे गंगापुर सिटी पहुंचे। अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय में किसान प्रतिनिधियों से वार्ता हुई। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस बीजू जॉर्ज जोसफ, भरतपुर संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, भरतपुर रेंज के आईजी कैलाशचंद बिश्नोई, सवाई माधोपुर कलक्टर, एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
किसानों ने बताया कि इससे पहले खंडीप में करीब 20 दिन तक महापंचायत और धरना चला था। उस समय कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने एक जुलाई से नहरों में पानी छोड़ने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
किसानों के अनुसार एक जुलाई को हुई बैठक में 6 जुलाई तक नहरों में पर्याप्त पानी पहुंचाने पर सहमति बनी थी, लेकिन तय समय तक पानी नहीं मिला। इसके विरोध में 6 जुलाई से कुसांय में अनिश्चितकालीन धरना और सड़क जाम शुरू कर दिया गया। धरना शुरू होने के बाद प्रशासन ने 7 जुलाई को नहर में पानी छोड़ा, लेकिन किसानों का आरोप है कि केवल एक से डेढ़ फीट पानी छोड़ा गया, जो सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि पहले की तरह पूरी क्षमता से पानी मिलने पर ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। सड़क जाम के कारण हिंडौन-गंगापुर मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और लोगों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ा। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों और आमजन से शांति, संयम और आपसी सौहार्द बनाए रखने की बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है। उन्होंने किसानों से कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले उग्र प्रदर्शनों से दूर रहने का आह्वान किया है।
कैबिनेट मंत्री ने सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक और भड़काऊ टिप्पणियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आमजन किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। केवल प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
डॉ. मीणा ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे कमांड क्षेत्र और कैचमेंट क्षेत्र, दोनों ही पक्षों के किसानों के साथ समान रूप से खड़े हैं। राज्य सरकार बेहद संवेदनशीलता के साथ सभी के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है। उन्होंने आंदोलनरत किसानों से विशेष अपील की कि वे अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखें। किसी भी सूरत में हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन या कानून हाथ में लेने जैसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने सभी से जिला प्रशासन का सहयोग करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आग्रह किया है।
Updated on:
09 Jul 2026 07:25 am
Published on:
09 Jul 2026 06:56 am
