
सवाई माधोपुर जिले में एक खेत में लगी सौर ऊर्जा (पत्रिका फोटो)
Rajasthan Solar and PM Kusum Yojana: सवाई माधोपुर जिले में पीएम कुसुम योजना सौर ऊर्जा योजना किसानों के लिए राहत बनने से पहले ही धोखाधड़ी का जाल बन गई है। सरकार ने अभी तक सोलर पैनल की दरें तय नहीं की है, लेकिन एजेंट और सब-डीलर किसानों को गुमराह कर रहे है। कम दामों में पैनल लगाने का झांसा देकर उनसे एक से दो हजार रुपए नकद वसूले जा रहे हैं और भूमि संबंधी एवं जनाधार आदि दस्तावेज भी कब्जे में लिए जा रहे हैं। यह कथित लूट किसानों के बीच गहरी नाराजगी और आक्रोश का कारण बन चुकी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रोष है।
बरवाड़ा, बौली ब्लॉक, सारसोप और डिडायच सहित कई गांवों में सोलर पैनल लगवाने के नाम पर किसानों से राशि वसूली जा रही है। क्षेत्र के किसानों ने उद्यान विभाग एवं कृषि विभाग से भी शिकायत की है। सोलर आवेदन के दौरान उनसे एक से दो हजार रुपए से वसूले गए, जबकि भारत सरकार ने अभी तक कोई दर निर्धारित नहीं की है।
फिर भी स्थानीय स्तर पर मनमानी वसूली हो रही है। आवेदन केवल राजकिसान पोर्टल पर ही मान्य है। किसानों से पैसे और दस्तावेज लेकर एजेंट अपनी जेब भर रहे हैं और ग्रामीणों को ठगा जा रहा है।
सारसोप, बरवाड़ा ब्लॉक और बौली ब्लॉक के किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। विभाग ने साफ कहा है कि सोलर पैनल की दरें वही होंगी, जो सरकार तय करेगी। किसी भी निजी एजेंट या सब-डीलर से आवेदन कराने पर किसान सीधे धोखाधड़ी का शिकार होंगे। ऐसे में इन दिनों किसानों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। किसी भी जानकारी के लिए किसान उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
किसान किसी एजेंट या सब-डीलर के झांसे में न आएं। सोलर पैनल के लिए आवेदन केवल राजकिसान पोर्टल पर ऑनलाइन कराएं। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे सीधे पोर्टल पर पंजीयन कराएं और किसी भी निजी वसूली से बचें। एजेंट को अपने दस्तावेज न दें।
-गिर्राज प्रसाद कोठयारी, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, उद्यान विभाग चौथकाबरवाड़ा
Updated on:
29 Jun 2026 03:33 pm
Published on:
29 Jun 2026 03:33 pm
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