
प्रतिमाह दो हजार से ज्यादा खिलाड़ी करते हैं तैयारी, नेशनल से ओलंपिक तक बनाई पहचान्र
अलवर में बन रही है राज्य की पहली कुश्ती एकेडमी
अलवर. अलवर शहर में इंदिरा गांधी स्टेडियम ने खिलाडि़यों को आगे बढ़ाने में विशेष सहयोग रहा है। यह स्टेडियम खिलाडियों की सुविधा व क्षमता के मामले में राजस्थान के टॉप फाइव स्टेडियम में शामिल है जो कि चौथे स्थान पर है। यहां पर करीब 18 खेलों में प्रतिमाह दो हजार से ज्यादा खिलाड़ी तैयारी करते हैं। सुबह शाम खेल की तैयारी करते हैं। यहां पर जिला स्तर से लेकर नेशनल तक नहीं बल्कि कई ओलंपियन भी निकले हैं जिन्होंने अलवर का नाम बढ़ाया है। खेलों में नाम कमाने के बाद बहुत से खिलाड़ी सरकारी व गैर सरकारी सेवाओं में नौकरी पर लग चुके हैं। इंदिरा गांधी स्टेडियम में सांई हॉस्टल चलता है जिसमें 50 रहकर खिलाड़ी खेलों की तैयारी करते हैं।
नेशनल में रहा है अलवर के हॉकी खिलाडि़यों का दबदबा
हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद की स्मृति में खेल दिवस 29 अगस्त को मनाया जाता है। हॉकी के कोच मार्केट ने बताया कि स्टेडियम में प्रतिदिन 70 से 80 खिलाड़ी खेल की तैयारी कर रहे हैं। पिछले साल में 35 खिलाड़ी स्टेट व 15 खिलाड़ी नेशनल खेल चुके हैं। पिछले माह एक खिलाड़ी का चयन सांई के नेशनल सेंटर के लिए हुआ है। हिमांशु कुमार नेशनल एक्सीलैंसी ऑफ स्पोर्ट में तैयारी के लिए गए हुए हैं। किरण मीणा 7 बार नेशनल खेल चुकी है और अब शिक्षा विभाग में पीटीआई के पद पर है। रचना चौहान भी कई बार नेशनल खेलकर राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और अब शिक्षा विभाग में कार्यरत है।
कुश्ती एकेडमी बनने से बेटियों के सपने होंगे पूरे-
राज्य सरकार बजट घोषणा के तहत अलवर में एक खेल एक जिला अकेडमी के लिए बालिकाओं की कुश्ती अकेडमी के लिए चिन्हित कया गया है। खास बात यह होगी की इसमें छोटी उम्र से ही खिलाड़ी बालिकाएं तैयार की जाएगी। स्टेडियम में इसकी तैयारी शुरू हो चुकी हैं। यहां पर मल्टीपर्पज हॉल भी उपलब्ध है। स्टेडियम में सीएसआर के तहत् कुश्ती हॉल का निर्माण मैस्ट्रो कम्पनी की ओर से किया जा रहा
शुटिंग में अलवर ने दिए हैं ऑलंपियन
अलवर की शुटिंग रेंज ने जिला स्तर से लेकर ओलंपियन तक खिलाड़ी दिए हैं। सांई के तत्वावधान में अलवर में फिलहाल शुटिंग का ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शुटिंग के कोच कुलदीप तोमर बताते हैं कि अलवर के स्टेडियम में तैयारी करने वाले सौरभ चौधरी ने 2018 में में एशियन गेम में गोल्ड मैडल, 2021 में टौक्यो ओलंपिक में खेल चुके हैं। जीतने के साथ साथ सबसे कम उम्र का खिलाड़ी होने का रिकार्ड भी बनाया। इसके बाद खैरथल के रहने वाले निहाल यादव ने पैरा ओलंपिक में अलवर का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही यशा सिंह ने 2017 में नेशनल शुटिंगचैँपियन शिप 2017 में सिल्वर व ब्रौंच मैडल, कार्तिकेय ने नेशनल शुटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मैडल जीता, इसके साथ ही मोनू कुमार, अर्पित तोमर , देवेंद्र कुमार ने भी मैडल जीते हैं।