भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी में रंगों के त्योहार होली की रंगत परवान चढ़ने लगी है। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक रंग, गुलाल और पिचकारियों की दुकानें सज गई हैं। इस बार बाजार में न केवल पारंपरिक पिचकारियां हैं, बल्कि राजनीतिक हस्तियों, फिल्म कलाकारों और खिलाड़ियों के थीम वाली पिचकारियों की भी भारी खेप […]
भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी में रंगों के त्योहार होली की रंगत परवान चढ़ने लगी है। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक रंग, गुलाल और पिचकारियों की दुकानें सज गई हैं। इस बार बाजार में न केवल पारंपरिक पिचकारियां हैं, बल्कि राजनीतिक हस्तियों, फिल्म कलाकारों और खिलाड़ियों के थीम वाली पिचकारियों की भी भारी खेप पहुंची है।
पिचकारियों में नया ट्रेंड
व्यवसायी निर्मल- जयकुमार अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष बच्चों के बीच 'बाहुबली की तलवार' विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके साथ ही 'भोले का भाला' और 'सनातन' रंग में रंगी पिचकारियां लोगों की आस्था और पसंद को बखूबी दर्शा रही हैं। तकनीक और मनोरंजन का मेल कराते हुए बाजार में फायर ब्रिगेड, इलेक्ट्रिक पिस्टल, स्टेनगन, पैराशूट पैटी और टैंक जैसी 50 से अधिक वैरायटी उपलब्ध हैं। राहत की बात यह है कि पिचकारियों की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं देखी गई है।
हर्बल गुलाल की बढ़ती मांग
सेहत के प्रति जागरुकता के चलते बाजार में रंगों से ज्यादा गुलाल पर जोर दिया जा रहा है। व्यापारियों के अनुसार, बाजार में 15 से अधिक ब्रांड के गुलाल मौजूद हैं, जिनमें गुलाब, सैंडेड और प्रीमियम हर्बल गुलाल की सर्वाधिक मांग है। वहीं, हर्बल रंगों में भी तीन प्रमुख ब्रांड ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुँचाए बिना होली की मस्ती को दोगुना करेंगे।