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BIG NEWS: 1 जुलाई से बदल जाएंगे पुराने दंड कानून…..IPC धारा और एविडेंस एक्ट में होगा बदलाव !

Old penal laws: नए कानूनों में डिजिटल साक्ष्यों को महत्व दिया गया है। साथ ही नए प्रावधानों से आम तौर पर अदालतों से जल्दी न्याय मिलने का रास्ता सुगम होगा।

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Jun 02, 2024
Old criminal laws

Old penal laws: अंग्रेजों के जमाने से लागू दंडात्मक कानून आगामी एक जुलाई बदल जाएंगे। गत फरवरी में केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के बाद पुराने दंड कानूनों के स्थान पर नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम एक जुलाई से लागू होंगे।

जिले में भी पुलिस प्रशासन द्वारा नए कानूनों के लिए अमले को तैयार कर दिया गया है और विवेचकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। अंग्रेजों द्वारा बनाए गए आईपीसी, सीआरपीसी और एविडेंस एक्ट को बदलकर नए नाम के साथ कुछ धाराएं बदली गई है, तो कुछ नई जोड़ी गई हैं।

इसके साथ ही कुछ अपराधों में सजा बढ़ाई गई है तो कुछ में कम की गई है। विशेष बात यह है कि नए कानूनों में डिजिटल साक्ष्यों को महत्व दिया गया है। साथ ही नए प्रावधानों से आम तौर पर अदालतों से जल्दी न्याय मिलने का रास्ता सुगम होगा।

ये हुआ बदलाव

  1. भारतीय न्याय संहिता-आइपीसी में 511 धाराएं थीं, जबकि बीएनएस में 358 धाराएं होंगी। इसमें 21 नए अपराध जोड़े गए हैं। 41 अपराधों में कारावास की अवधि बढ़ाई गई है और 82 अपराधों में जुर्माना बढ़ाया गया है। 25 अपराधों में जरूरी न्यूनतम सजा शुरू की गई है। 6 अपराधों में दंड के रूप में सामुदायिक सेवा की व्यवस्था की गई है। 19 धाराएं खत्म की गई हैं।
  2. नागरिक सुरक्षा संहिता-पुरानी सीआरपीसी में 484 धाराएं थीं, अब नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धाराएं होंगी। 177 धाराओं को बदल दिया गया है, 9 नई धाराएं जोड़ी गईं हैं और 14 को खत्म किया गया है।
  3. साक्ष्य अधिनियम-पुराने एविडेंस एक्ट में 167 धाराएं थीं, नए साक्ष्य अधिनियम में 170 धाराएं होंगी। 24 धाराओं में बदलाव किया गया है, दो नई धाराएं जुड़ीं हैं और छह धाराएं खत्म की गई हैं।

263 विवेचकों को दिया प्रशिक्षण

जिले में तीनों नए कानूनों की धाराओं के अनुरूप अपराध पंजीबद्ध करने और विवेचना करने के लिए अब विवेचकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसके तहत जिले के सभी 263 विवेचकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इनमें प्रधान आरक्षक से लेकर सहायक उपनिरीक्षक, उप निरीक्षक, निरीक्षक और एसडीओपीस्तर तक के विवेचना अधिकारी शामिल हैं।

इनमें कुछ अधिकारियों ने भोपाल और ग्वालियर में जाकर प्रशिक्षण लिया, जबकि शेष को श्योपुर में 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षित किया गया। उल्लेखनीय है कि श्योपुर में 20 थाने और 4 पुलिस चौकी हैं।

Published on:
02 Jun 2024 03:10 pm
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