
Silent Attack: भगवान श्रीराम लला की नगरी से सीहोर कुबरेश्वर धाम के दर्शन करते हुए शनिवार सुबह बाबा महाकाल का दर्शन करने आए श्रद्धालु की अचानक मौत हो हई। इस घटना से हर कोई स्तब्ध रह गया। उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए और जैसे ही 4 नंबर गेट से बाहर निकलने को हुए, तभी अचानक चक्कर आए और गिर गए। मंदिर के मेडिकल स्टाफ सदस्य वहां तुरंत पहुंचे और अस्पताल ले जाया गया, तब तक उनका निधन हो चुका था।
महाकाल मंदिर दर्शन करने आए अयोध्या के श्रद्धालु शिव शरण का अचानक निधन हो गया। शनिवार सुबह उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। जब तक अस्पताल ले गए, उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार के लोग पोस्टमॉर्टम नहीं कराने के लिए अड़े रहे, लेकिन पुलिस के समझाने पर बाद में वे मान गए।
अयोध्या निवासी 45 वर्षीय शिव शरण उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करने के बाद शिव की शरण में चले गए। शिव शरण शुक्रवार को पत्नी आशा देवी और दो अन्य लोगों के साथ महाकाल मंदिर दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे थे। शनिवार सुबह सभी ने महाकाल मंदिर में दर्शन किए। मंदिर परिसर से बाहर निकलते ही शिव शरण को चक्कर आ गए और वे गिर गए। उन्हें महाकाल मंदिर के अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन तब तक उनका निधन हो चुका था।
बताया जा रहा है कि शिव शरण परिवार वालों के साथ अयोध्या से सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम पंडित प्रदीप मिश्रा के यहां भी गए थे। वहां से उज्जैन में महाकाल मंदिर सहित अन्य मंदिरों के दर्शन के लिए पहुंचे थे। निधन की वजह क्या है, ये पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा।
वरिष्ठ पत्रकार विनयसिंह देवड़ा का निधन भी साइलेंट हार्ट अटैक से हुआ। बेटे राजकुमार देवड़ा ने बताया कि सुबह 8.30 बजे तक पापा ठीक थे। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने कोई आवाज भी नहीं की और अचेत हो गए। 10 से 15 मिनट में ही उनकी मौत हो गई। अस्पताल ले गए तो पता चला कि उनकी धड़कन नहीं चल रही है, जबकि वे स्वस्थ थे।
सर्दी के साथ गर्मी के मौसम में भी हृदय का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। गर्मी के मौसम में शरीर में पानी कम होने से डिहाइड्रेशन हो जाता है। डिहाइड्रेशन के दौरान खून गाढ़ा होता है और प्लेटलेट भी चिपकने लगते हैं। इससे हृदय धमनी बंद होने लगती है और साइलेंट अटैक का खतरा बढ़ जाती है।
जिन लोगों को पूर्व से हृदय संबंधित समस्या, पूर्व में हार्ट अटैक आ चुका है या बीपी, शुगर आदि की शिकायत है, उन्हें इस सीजन में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। गर्मी में अधिक पानी पीएं और शरीर में इसकी कमी न होने दें। यदि धूप में निकलना पड़ रहा है तो कोशिश करें कि अधिक समय तक लगातार धूप में न रहें। आधा-एक घंटे में छांव में लौटे। खान-पान का ध्यान रखें।- डॉ. विजय गर्ग, वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ
Published on:
02 Jun 2024 01:52 pm
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