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भाजपा का नारी वंदन का गुणगान, यूपी-राजस्थान में महिलाओं पर बढ़ता अपमान-लांबा

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार के शासन में देश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति भयावह हो चुकी है और अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। भाजपा नारी वंदन का गुणगान कर रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश जैसे डबल इंजन वाली सरकारों में महिलाओं पर अपमान बढ़ता जा रहा है। लांबा ने बताया कि 2014 से 2024 के बीच मोदी सरकार के कार्यकाल में 42.85 लाख से महिलाएं और बच्चियां दरिंदगी का शिकार हुई हैं।

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नई दिल्ली। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार के शासन में देश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति भयावह हो चुकी है और अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। भाजपा नारी वंदन का गुणगान कर रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश जैसे डबल इंजन वाली सरकारों में महिलाओं पर अपमान बढ़ता जा रहा है।

लांबा ने यह बातें कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कही। लांबा ने बताया कि 2014 से 2024 के बीच मोदी सरकार के कार्यकाल में 42.85 लाख से महिलाएं और बच्चियां दरिंदगी का शिकार हुई हैं। 2014 में जहां सालाना अपराध का आंकड़ा 3.40 लाख था, वहीं 2024 में यह बढक़र लगभग 4.42 लाख हो गया है। देश में रोजाना 10 दलित महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है। हर 70 मिनट में एक बच्ची या महिला बलात्कार का शिकार हो रही है। लांबा ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली का उल्लेख करते हुए महिला सुरक्षा की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा का ‘बेटी बचाओ’ का नारा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का 'नारी वंदन' तो बहाना है, उसे नारी सुरक्षा के नाम पर मात्र घडिय़ाली आंसू बहाना है, अपने खास नेताओं को सजा से बचाना है और साथ ही एपस्टीन फाइल्स से भी ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली भी सुरक्षित नहीं है और अपराध के मामले में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में शामिल है। लांबा ने मांग की कि जुलाई में होने वाले संसद के आगामी मॉनसून सत्र में एनसीआरबी के आंकड़ों पर चर्चा हो और सरकार केवल अपराध के आंकड़े न दे, बल्कि यह भी बताए कि अब तक कितनी पीडि़ताओं को न्याय मिला है और विशेषकर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में कितने अपराधियों को फांसी की सजा दी गई है।

भाजपा सरकारों में नहीं मिल रहा पीडि़ताओं को न्याय

लांबा ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में नाबालिग बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म में एक भाजपा नेता समेत तीन पर मामला दर्ज है, लेकिन पुलिस पीडि़त परिवार को समझौते के लिए मजबूर करने का दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने पीडि़़ता के पिता को हिरासत में ले लिया और बच्ची को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा, जबकि आरोपी खुले घूम रहे हैं। अंकिता भंडारी हो या चंपावत की बच्ची, उन्हें उत्तराखंड की भाजपा सरकार में न्याय नहीं मिल सकता, इसीलिए उन्हें न्याय दिलाने के लिए राज्य से बाहर मामले की निष्पक्ष जांच करवानी होगी। उन्होंने कहा कि नाबालिग से बलात्कार के मामले में हिमाचल प्रदेश के भाजपा विधायक हंसराज को बचाने के लिए भाजपा एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। 2002 के बिलकिस बानो मामले में दोषियों की सजा माफ करने वाला गुजरात मॉडल अब पूरे देश में लागू हो गया है, जिसमें सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में फांसी की बजाय उम्रकैद होती है और बाद में रिहाई हो जाती है।

2024 में महिला अत्याचार के मामले में टॉप पांच प्रदेश

प्रदेश महिला अपराध संख्या
उत्तर प्रदेश 66,398
महाराष्ट्र 47,954
राजस्थान 36,563
पश्चिम बंगाल 34,360
मध्य प्रदेश 32,832
Updated on:
09 May 2026 11:41 am
Published on:
09 May 2026 11:37 am
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