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गुरु पूर्णिमा पर्व… खंडवा में दादाजी मंदिर निर्माण का कार्य रोकेगा भक्तों की राह, धीमी गति से चल रहा काम

-अब तक कटऑफ वॉल भी नहीं हुई तैयार, एक माह गुरु पूर्णिमा को बाकी -बारिश में ठेकेदार ने मजदूरों की संख्या भी घटाई, काम हो रहा प्रभावित
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खंडवा

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Manish Arora

Jun 27, 2026

Guru Purnima festival

खंडवा. श्री दादाजी धाम में चल रहा निर्माण कार्य।

श्री दादाजी धाम में मनाए जाने वाले सबसे बड़े पर्व गुरु पूर्णिमा पर इस बार नए मंदिर निर्माण का कार्य भक्तों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। श्री दादाजी समाधि मंदिर के पीछे की ओर नींव की खुदाई के बाद पत्थरों की जुड़ाई का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। अब तक यहां कट ऑफ वॉल भी बनकर तैयार नहीं हुई है। नींव में भराव करना भी बाकी है। इस साल गुरु पूर्णिमा पर आने वाली भीड़ को लेकर अब मंदिर ट्रस्ट क्राउड कंट्रोल प्लान तैयार कर रहा है।

6 माह पूर्व हो चुकी खुदाई, अब तक नहीं भराई

श्री दादाजी धाम में डेढ़ नंबर मकराना मॉर्बल से नए मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर निर्माण के लिए नींव की खुदाई का काम 24 जनवरी से शुरू हुआ था, जो 9 फरवरी को पूरा हुआ। नींव के लिए ड्रेस पत्थर भी बुलाए गए। प्लिंथ भरने और आरसीसी का बेस तैयार करने के बाद 18 जून को यहां पत्थर की जुड़ाई का काम शुरू हुआ। मंदिर के लिए 53 फीट लंबी, 5 फीट मोटी और 10 फीट ऊंची कट ऑफ वॉल बनाने के बाद बीच में पत्थर और कांक्रीट की भराई की जाएगी। अब तक कट ऑफ वॉल का काम ही पूरा नहीं हो पाया है, महज 4 फीट ऊंची और करीब 20 फीट तक ही वॉल तैयार हो पाई है।

15 जुलाई से शुरू हो जाएगी पर्व की तैयारी

गुरु पूर्णिमा पर्व पर हर साल करीब 5 लाख श्रद्धालु आते है। इस साल तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा पर्व 27 से 29 जुलाई तक मनाया जाएगा। पर्व के करीब 10 दिन पहले से ही शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से भक्त निशान चढ़ाने पहुंचेंगे। महाराष्ट्र, बैतूल, भैंसदेही, पांडुर्ना, सांगली, छिंदवाड़ा आदि जगह से भी भक्तों का दल निशान लेकर एक दिन पूर्व आएगा। पर्व के दो दिन पूर्व से ही यहां भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। अनुमान है कि इस बार मंदिर निर्माण के चलते करीब 6 से 7 लाख श्रद्धालु आ सकते है। श्री दादाजी धाम में पर्व को लेकर 15 जुलाई से ही तैयारियां शुरू हो जाएगी। ऐसे में अधूरा निर्माण कार्य भी गुरु पूर्णिमा पर्व की तैयारियों में बाधा बन सकता है।

महाआरती में इस बार दर्शन संभव नहीं

मंदिर निर्माण के लिए श्री दादाजी धाम में दोनों समाधि मंदिर के पीछे पूरा मैदान खोदा हुआ है। पर्व के दौरान भीड़ होने से अधिकतर लोग समाधि मंदिर के पीछे झरोखे से ही बड़े दादाजी, छोटे दादाजी के दर्शन करते हैं। पर्व की महाआरती में इसी मैदान में करीब 5 से 7 हजार श्रद्धालु खड़े होते हैं। इस बार गुरु पूर्णिमा पर्व तक भी नींव भराई का काम पूरा होता नहीं दिख रहा है। जिसके चलते आरती के दौरान परमात्मा के दर्शन भी संभव नहीं हो पाएंगे।

ये निकल सकता है हल

निर्माण के दौरान नींव की खुदाई के चलते श्री दादाजी समाधि मंदिर में नैवेध, कुएं से जल लाने की परेशानी को देखते हुए यहां लोहे का अस्थाई पुल बनाया गया है। पर्व के दौरान भी 6 नंबर गेट से बारादरी में प्रवेश करा कर दो अस्थाई पुल का निर्माण कर बारादरी से कतार में सीमित संख्या रखते हुए दर्शन कराए जा सकते है। वहीं, इस बार दादाजी धाम के एक नंबर गेट के सामने भी जगह खाली रखकर वहां से प्रवेश कराया जा सकता है।

दो-तीन दिन में बैठकर करेंगे प्लानिंग

श्री दादाजी धाम में किसी भी श्रद्धालु को दर्शन के लिए कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। दो-तीन दिन में बैठकर इसकी प्लानिंग की जाएगी। निर्माण कार्य जल्द पूरा हो इसके लिए कलेक्टर स्वयं भी मानिटरिंग कर रहे हैं।
ज्ञानेश्वर पाटिल, सांसद