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ओंकारेश्वर में बारिश से रुका सस्पेंशन ब्रिज का काम, दूसरे दिन भी नहीं चालू हो पाया नया झूला पुल

-नए सपोर्ट पर दूसरा हुक लगाने का आधा काम पूरा, आज खुल सकता है पुल -मंगलवार रात को केबल को सपोर्ट के लिए लगी कड़ी टूटने से किया था पुल से आवागमन बंद
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खंडवा

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Manish Arora

Jun 26, 2026

Suspension bridge

ओंकारेश्वर. सुधार कार्य के समय ओपीएस जीएम और डीजीएम भी उपस्थित रहे।

तीथनगरी ओंकारेश्वर में नए झूला पुल पर केबल को थामे रखने वाली कड़ी (यू आकार के हुक) का सुधार काम गुरुवार को पूरा नहीं हो पाया। यहां बारिश के चलते बार-बार काम में रुकावट आने से अब सुधार कार्य शुक्रवार को किया जाएगा। गुरुवार को वीआइपी दर्शन के श्रद्धालुओं को जेपी चौक, पुराने झूला पुल से दर्शन के लिए ले जाया गया।

सुरक्षा की दृष्टि से किया है बंद

ओंकारेश्वर में नए झूला पुल का हुक मंगलवार रात को एक ओर से निकलने के कारण इस पुल को सुरक्षा की दृष्टि से बुधवार को बंद कर दिया गया था। जिला प्रशासन ने पुल को गुरुवार तक सुधार कर शुरू करने की बात कही थी। ओंकारेश्वर पावर स्टेशन अधिकारियों ने विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई और काम भी शुरू कराया, लेकिन बार-बार बारिश के कारण काम आधा ही पूरा हो पाया है। जिसके चलते पुल पर से गुरुवार को भी आवागमन बंद रखा गया। एनएचडीसी इंजीनियर की देख रेख में आउटसोर्स एजेंसी द्वारा रिपेयरिंग कार्य किया जा रहा है।

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2 माह से आम श्रद्धालुओं के लिए बंद है

लगभग दो महीने से नया झूला पुल (ममलेश्वर सेतु) आम श्रद्धालुओं के लिए बंद है। केवल वीआइपी श्रद्धालुओं के लिए ही खुला हुआ है। पिछले महीने 25 मई को नो एंट्री को लेकर दिल्ली नोएडा के श्रद्धालुओं के साथ ट्रस्ट के कर्मचारियो की मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। उसके बाद ट्रस्ट के 6 कर्मचारी पर प्राथमिकी दर्ज हुई और निलंबित भी हुए थे। उसके बाद से सतत रूप से आम श्रद्धालुओं के लिए बेरीकेडिंग कर बंद कर दिया गया है। केवल स्थानीय रहवासी, वीआइपी और विशेेेेष दर्शन टिकट दिखाने वालोंं को रस्सी खोलकर प्रवेश दिया जाता है।

एनएसडीसी की देखरेख में है पुल

वर्ष 2004 सिंहस्थ के समय एनएचडीसी ओंकारेश्वर द्वारा इसे बनवाया गया था तभी से वर्तमान तक पुल की देखरेख एनएचडीसी द्वारा की जा रही है। रिपेयरिंग भी एनएसडीसी द्वारा करवाई जा रही है। ओंकारेश्वर परियोजना प्रमुख धीरेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि हमने कई बार जिला कलेक्टर को हैंडओवर के लिए पत्र लिखा किंतु अभी तक किसी हैंडओवर नहीं लिया है। तकनीकी देखरेख हमारे पास है संचालक और भीड़ नियंत्रण का काम मंदिर ट्रस्ट और और प्रशासन के पास है।

दूसरा सपोर्ट लगाया

खुले हुए हुक के पास दूसरा सपोर्ट लगाया जा रहा है। पुराना हुक उसी अवस्था में है उसके पास एक नया सपोर्ट लगाकर नई तान बनाई जा रही है जो पिछली तानों से अधिक मजबूत है। रिपेयरिंग के समय परियोजना प्रमुख धीरेंद्र कुमार द्विवेदी और उप प्रबंधक संजय सिंह मौजूद रह।े उनकी देखरेख में यह कार्य सुबह से दोपहर तक जारी था, किंतु बारिश आने से रिपेयरिंग कार्य बंद कर दिया गया। आज मौसम खुलने पर आगे का कार्य किया जाएगा। मजदूरों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है।