– इनकी उछलकूद व पक्षियों की मस्ती बनी सिरदर्द, 70 फीसदी फॉल्ट की बन रही वजह बिजली कंपनी पर भारी पड़ रहे पक्षी और जीव, 8 से 10 प्रतिशत ही तकनीकी कारणों से फाॅल्ट सागर. शहर में बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान के कारण पेड़ों के गिरने से तो हर रोज बिजली सप्लाई प्रभावित हो ही रही […]
- इनकी उछलकूद व पक्षियों की मस्ती बनी सिरदर्द, 70 फीसदी फॉल्ट की बन रही वजह
बिजली कंपनी पर भारी पड़ रहे पक्षी और जीव, 8 से 10 प्रतिशत ही तकनीकी कारणों से फाॅल्ट
सागर. शहर में बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान के कारण पेड़ों के गिरने से तो हर रोज बिजली सप्लाई प्रभावित हो ही रही है, लेकिन बिजली कंपनी के लिए इससे ज्यादा सिरदर्द गिलहरियों की उछलकूद और पक्षियों की मस्ती बनी हुई है। गिलहरी बिजली के तारों पर दौड़ती है और जैसे ही वह खंभे पर लगे इंसुलेटर पर पहुंचती है तो नीचे से अर्थिंग मिल जाती है और लाइन फॉल्ट हो जाती है। ऐसी ही स्थिति ट्रांसफार्मर पर बनती है, लेकिन मजबूरी यह है कि कंपनी न तो गिलहरियों की उछलकूद रोक सकती है और न ही पक्षियों की मस्ती।
बिजली कंपनी के अधिकारियों से जब इस संबंध में बात की तो उनका कहना था कि फॉल्ट और सप्लाई प्रभावित होने के मामलों में 70 फीसदी वजह गिलहरी और पक्षी ही होते हैं। इसके अलावा 20 प्रतिशत आंधी-तूफान और बारिश के दौरान पेड़ों की डालें गिरने से फॉल्ट होते हैं, जबकि 8 से 10 प्रतिशत ही ऐसे मामले सामने आते हैं जहां पर तकनीकी कारणों के चलते सप्लाई प्रभावित हुई हो।
- यह कुछ मामले
-केस-1
पांच दिन पहले शहर के नमकमंडी में अचानक से एक बिजली ट्रांसफार्मर में आग लग गई। गर्मी होने के कारण कुछ ही देर में आग की लपटें निकलने लगी, जिसके कारण पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। सूचना के बाद बिजली कंपनी ने आसपास की चालू लाइनों को बंद कराया और निगम की फायर ब्रिगेड की मदद से आग बुझाई। इसके बाद पता चला कि ट्रांसफार्मर में आग कबूतरों की मस्ती के कारण लगी थी। मौके पर दो कबूतर झुलसे भी मिले।
- केस-2
करीब एक सप्ताह पहले धर्मश्री फीडर में 11केवी की मैन लाइन में फॉल्ट होने से सप्लाई बंद हो गई। सब स्टेशन से जब दोबारा सप्लाई चालू नहीं हुई तो मेंटेनेंस विभाग का अमला सर्चिंग पर निकला और उन्हें एक इंसुलेटर टूटा हुआ, वहीं नीचे जमीन पर दो गिलहरिया मरी पड़ी थी। इसी तरह करीला फीडर में करीब 15 दिन पहले ट्रांसफार्मर में गिलहरियों की उछलकूद के कारण फॉल्ट हो गया था।
- केस-3
सिविल लाइन के कालीचरण चौराहे पर करीब एक माह पहले ट्रांसफार्मर में आग लगी थी। यहां भी कुछ ही देर में ट्रांसफार्मर के आसपास लगी बिजली केबिल जलकर खाक हो गई। सप्लाई बंद होने के बाद जब बिजली कंपनी का अमला सुधार करने के लिए पहुंचा तो पता चला कि एक बिल्ली ट्रांसफार्मर पर कूद गई थी, जिससे फॉल्ट हुआ और उससे निकली चिंगारियों से आग लग गई।
- सबसे ज्यादा इंसुलेटर बर्स्ट होते हैं
गिलहरी और बड़े पक्षियों के कारण सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर के आसपास फॉल्ट और लाइनों के इंसुलेटर फट जाते हैं। वह जैसे ही इंसुलेटर या ट्रांसफार्मर पर बैठते हैं तो कई बार कंटर के तार के साथ अर्थिंग भी मिल जाती है और फॉल्ट हो जाता है।
सीएस पटेल, मेंटेनेंस प्रभारी, शहर