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पत्रिका पड़ताल में खुलासा, जान लेने वाली डोर बाजार में, लोगों की पसंद है प्रतिबंधित चाइनीज मांझा

MP News: पत्रिका पड़ताल: प्रदेशभर में कहीं चोरी छुपे तो कहीं खुलेआम बिक रहा प्रतिबंधित चाइनीज मांझा, जिम्मेदार नहीं तलाश पा रहे सप्लाई की चेन... पत्रिका पड़ताल में जानें जान लेने वाली डोर की जमीनी हकीकत...

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Chinese manjha

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MP News: खुशी की पतंगें उड़ रही हैं। ये 26 जनवरी तक उड़ेंगी। यानी खतरा बरकरार रहेगा। वजह है देशभर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा। इससे देश-प्रदेश में लोगों की जान जा रही है। कई जख्मी हो रहे हैं। इंदौर में रविवार को ही टाइल्स ठेकेदार रघुवीर धाकड़ के गले में मांझा ऐसा जकड़ा कि उनकी जान चली गई।

पत्रिका की पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे

पत्रिका ने सोमवार को प्रदेशभर में पड़ताल की तो कई शहरों में हालात चौंकाने वाले मिले। प्रतिबंधित मांझा कहीं चोरी छुपे तो कहीं खुलेआम बेचा जा रहा है। असल में लगभग दशक भर पहले तक चाइनीज मांझा नेपाल के रास्ते भारत में लाया जाता था। इस पर रोक तो लग गई, लेकिन फिर ये स्थानीय स्तर पर ही बनाया जाने लगा।

एनजीटी ने लगा रखा है बैन, उल्लंघन पर सजा

एनजीटी ने देशभर में उक्त मांझे पर बैन लगाया है। उल्लंघन पर 6 माह से लेकर पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। जुर्माना भी। जिम्मेदारों का खुफिया तंत्र फेल होने से मांझा बाजारों में उपलब्ध है। यह मांझा जहां बनाया जा रहा है, वहां तक पहुंचने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।

बेटे का दर्द

एमपी के रहने वाले रघुवीर सिंह धाकड़ के बेटे साहिल धाकड़ के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। बिलखते साहिल ने समाज और प्रशासन से अपील की है। कहा, एक ही निवेदन है… प्रशासन को पतंग की दुकानें ही बंद करा देनी चाहिए। लोग कहते हैं चाइनीज मांझा जानलेवा है, लेकिन सच तो यह है कि कच्चा धागा भी गले पर काल बनकर चलता है। त्योहार खुशियों के लिए होता है, किसी के शोक के लिए नहीं। मेरे सिर से पिता का साया उठ गया। जानता हूं कि यह दर्द क्या होता है। नहीं चाहता कि कोई और बेटा या परिवार इस तरह दर्द सहन करने को मजबूर हो।

बैन तो सिर्फ कागजों में है… जमीनी हकीकत यह है

सतना: पहचान छुपाने को बदली पैकिंग

गांधी चौक, लालता चौक, कबाड़ी टोला, भैंसाखाना, कंपनी बाग क्षेत्र में कई जगह यह मांझा बिक रहा था। कुछ दुकानदार स्थानीय ब्रांड, सामान्य धागे की पैकिंग की आड़ में बेच रहे हैं।

जबलपुर: पहले इनकार, फिर तैयार

चाइनीज मांझा दुकान के अंदर से निकालकर महंगे दाम में बेचा जा रहा है। गढ़ा, मदनमहल, गोरखपुर, गोहलपुर, अधारताल, गोहलपुर सहित कई इलाकों में यह आसानी से उपलब्ध है।

रायसेन: पतंग की आड़ में बच्चों को दिया

गंज बाजार में पतंग की दुकान से चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है। पत्रिका ने दो बच्चों को दुकान पर भेजा तो दुकानदार ने पतंग उठाकर उसकी आड़ में मांझा की गुच्छी पकड़ा दी।

सिवनी: परिचित हो, तभी मिलेगा

कानदार के चिर-परिचित चेहरों को ही यह आसानी से उपलध हो रहा है। छोटी मस्जिद चौक के पास एक दुकान में एक नाबालिग चाइनीज मांझा बेचते मिला। गुरुनानक वार्ड, कटंगी रोड, हड्डी गोदाम, डूंडासिवनी, मंगलीपेठ, भैरोगंज सहित अन्य जगहों पर चोरी छुपे मांझा बेचा जा रहा है।

पन्ना: 200 रुपए दो… लेकर आता हूं

बस स्टैंड के पास सड़क किनारे पतंग की दुकान पर पहले कहा गया, चाइनीज मांझा नहीं मिलता। बाइक स्टार्ट करते ही एक बालक आया और बोला, 200 रुपए दो मैं लेकर आता हूं।

राजगढ़: हाथ में लग गई चोट

पारायण चौक स्थित एक दुकान पर चाइनीज मांझा मिल गया। जिस बच्चे को साथ लेकर गए, उसके हाथ में हल्की चोट लग गई। इससे जाहिर है कि प्रतिबंध कागजों तक है।

रतलाम: ज्यादा पैसे दो, कातिल मांझा लो

ज्यादा दाम देने पर चाइनीज और नायलोन मांझा दुकानदार देने को तैयार हो गए। मोमीनपुरा, मोचीपुरा, शहर सराय, अलकापुरी, दीनदयाल नगर आदि जगह बिक्री हो रही।

रीवा : इसकी मांग है, इसलिए बेच रहे

घोघर स्थित किशन पटेल की दुकान पर खुलेआम उक्त मांझे की बिक्री पाई गई। कहना था कि इसकी मांग है, इसलिए बाजार में आ रहा है। गुड़हाई बाजार में भी मांझा बेचा जा रहा है।

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