
Patrika Chhattisgarh News मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लाल रघुवीर सिंह मिनी स्टेडियम में आयोजित मातृशक्ति सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने डौंडीलोहारा क्षेत्र में 102 करोड़ से अधिक के 21 विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। साथ ही रक्षाबंधन के तीन दिन पूर्व महतारी वंदन योजना की लगभग 68,28,918 महिलाओं के खाते में 631 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की। साथ ही डौंडीलोहारा नगर में आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण, खरखरा लिफ्ट एरीगेशन सहित 6 बड़ी मांगों को पूरा करने की घोषणा की। इस दौरान मंच पर भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, कांकेर सांसद भोजराज नाग, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, प्रदेश मंत्री व जिला प्रभारी संध्या परगनिया, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू एवं आरके राय, नगर पंचायत अध्यक्ष लाल निवेंद्र टेकाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष कांति सोनबरसा, मंडल अध्यक्ष कुसुम शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख, जिला महामंत्री सौरभ लूनिया, प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुेर, जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, राकेश यादव, हरीश कटझरे, टीनेश्वर बघेल शीतल नायक मौजूद रहे।
ग्राम बटेरा स्थित हैलीपेड से लोहारा पहुंचते ही मुख्यमंत्री का भाजपा कार्यकर्ताओं व जनप्रतिधियों सहित आम लोगों ने फूल माला एवं मोमेंटो भेंटकर स्वागत किया। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बालोद में महतारी वन का विकास करने एवं मिशन अंकुर के तहत 3 लाख सीड बॉल के उपयोग की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से प्रमिला देशमुख, खिलेश्वरी साहू, गायत्री बाई, संतोषी हिरवानी को मुनगा का पौधा भेंट कर मातृशक्ति का सम्मान किया।
ग्राम तुरमुड़ा की बसंती बाई ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह महतारी वंदन की राशि से बाजार में चना मूंगफली बेचने का कार्य करती है जिससे उन्हें माह में 3 से 4 हजार रुपए की मासिक आय होती है। डौंडीलोहारा की जूही सोनी सिलाई व ब्यूटीपार्लर चलाकर 6से 7 हज़ार में रुपए प्रति माह में अर्जित करती है। इसके अलावा 5 अन्य महिलाओं ने अपने काम व आय के बारे में जानकारी दी।
ग्राम हरदी की भूमिका साहू ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह महातारी वंदन से प्राप्त राशि से सीमेंट का गमला व तुलसी चौरा निर्माण का कार्य करती है। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी उपयोग करती हैं, उनके ब्लॉग में 21000 फॉलोअर हैं। यूट्यूब चैनल भी है। फेसबुक में 24000 सब्सक्राइबर एवं 10000 फॉलोअर है। अपने व्यवसाय से प्रतिमाह वे लगभग 10000 रुपए की आय अर्जित करती है।
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सांसद भोजराज नाग ने कहा कि आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री हमारे आराध्य बुढ़ादेव जैसे सीधे साधे हैं। जिस तरह से एक लोटा जल चढ़ाने से हमारे आराध्य प्रसन्न हो जाते है और सबकी परेशानिया दूर करते हैं। वैसे ही मुख्यमंत्री भी हम सबका ख्याल रखते हैं। मुख्यमंत्री हम सबके बीच उपस्थित हैं। हमारी सरकार किसानों, महिलाओं सभी वर्गों का ख्याल रखती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के 631 करोड़ डाले। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए सितंबर की राशि अगस्त में ही जारी की जा रही है, जिससे बहनें अच्छे से रक्षाबंधन पर्व मना सके।
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जनप्रतिनिधियों की मांगों पर मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में ऑडिटोरियम, खरखरा लिफ्ट एरिगेशन, धनगांव जलाशय में विकास कार्य, खरखरा पूरक नहर जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण लागत 45 करोड़ रुपए, मस्जिद चौक से शास्त्री नगर पुलिया निर्माण लागत 5 करोड़ रुपए और संबलपुर से भीमकन्हार मुड़िया मार्ग लागत 9 करोड़ रुपए की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में कोयला, शराब, पीएससी घोटाला किया, जिसकी हम सीबीआई से जांच करा रहे हैं। कई दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। कांग्रेस ने पीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं के भविष्य व सपनों के साथ खिलवाड़ किया। हम पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोहा, कोयला, बॉक्साइट, टिन जैसे बहुमूल्य खनिज के भंडार हैं। कई तरह के वनोपज से जंगल संपन्न हैं, जिसके बलबूते राज्य तरक्की करेगा। विकसित छत्तीसगढ़ का सपना हम पूरा करेंगे और युवाओ को रोजगार उपलब्ध कराएंगे।
सरकार ने 13लाख 85 हजार लखपति दीदी बना चुकी है, जिससे महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। बालोद जिले की ग्राम औराटोला निवासी कोमेश्वरी मछली पालन एवं लोकेश्वरी फाइल पेड बनाकर लखपति दीदी बनी है।
ड्रोन दीदी बनकर महिलाएं एक दिन में 20 से 25 एकड़ क्षेत्र में खाद व दवाई का छिड़काव कर प्रतिदिन 7 से 8 हजार रुपए तक आय अर्जित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 पर सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे 50 कर्मचारी काम पर तैनात होते हैं, जो एक साथ 50 कॉल रिसीव करते हैं। समय सीमा में समाधान करते है। इससे थानेदार, तहसीलदार, रेंजर जैसे 8000 अधिकारी जुड़े हुए हैं। प्रगति की जानकारी भी दी जाती है। एल वन से लेकर एल फोर तक समाधान समिति का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ अब सितंबर तक मिलेगा। सरचार्ज पूर्णत: माफ किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 7057करोड़ की राशि का प्रावधान किया है, जिससे कोरोना काल के समय के बकाया बिलों का निपटारा किया जा सके।