समाचार

स्वीमिंग पूल में नन्हों की मस्ती

गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों ने स्विमिंग पूल और पिकनिक पर दोस्तों के साथ खूब मस्ती की और कई यादगार पल बिताए। इन कहानियों में दोस्ती, मिल-जुलकर रहने, सावधानी और मुश्किल समय में समझदारी से काम लेने का प्यारा संदेश भी मिलता है।
6 min read
Aug 20, 2026
छुट्टियों के सबसे यादगार दिन
छुट्टियों के सबसे यादगार दिन

चित्र देखो कहानी लिखो प्रतियोगिता—91

स्वीमिंग पूल जाना बच्चों का पसंदीदा काम है। इस पर जब कहानी लिखने को कहा गया तो देशभर के बच्चों ने इस मस्ती की पाठशाला में कई पन्ने भरे। चुनिंदा बच्चों की कहानियां परिवार परिशिष्ट के पेज चार पर लगाई गई और शेष यहां दी जा रही हैं। सभी बच्चे मस्ती करें और कहानियां भी लिखते रहें। हमारी कोशिश यही है कि वे सीखना और लिखना कभी न छोड़ें।

छुट्टियों के सबसे यादगार दिन
नैतिक जैन
गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही चारों दोस्त—आरव, गुड़िया, मोनू और परी—बहुत खुश थे। एक दिन उन्होंने स्विमिंग पूल में जाने की योजना बनाई। सुबह-सुबह वे अपने रंग-बिरंगे फ्लोट और गेंद लेकर पूल पहुंच गए। पूल में पहुंचते ही आरव ने खुशी से छलांग लगाई। पानी चारों तरफ उछल पड़ा। गुड़िया गोल ट्यूब पर बैठकर धीरे-धीरे तैरने लगी। मोनू बतख वाली फ्लोट पर बैठकर ऐसे घूम रहा था, जैसे वह किसी नाव का कप्तान हो। परी अपने फ्लोट पर बैठकर स्वादिष्ट नाश्ता कर रही थी। तभी आरव ने गेंद उठाकर सबको चुनौती दी। देखते हैं, कौन सबसे पहले गेंद पकड़ता है! चारों दोस्त गेंद के पीछे भागने लगे। कभी गेंद पानी में डूब जाती, तो कभी किसी के सिर के पास से निकल जाती। सभी जोर-जोर से हंस रहे थे। अचानक आसमान में बादल छा गए और हल्की बारिश शुरू हो गई। बच्चों की खुशी और बढ़ गई। वे बारिश की बूंदों के साथ पानी में खेलने लगे। थोड़ी देर बाद बड़े लोगों ने उन्हें बाहर बुलाया। घर लौटते समय चारों दोस्तों के चेहरे पर मुस्कान थी। उस दिन उन्होंने जाना कि सच्ची खुशी महंगे खिलौनों में नहीं, बल्कि दोस्तों के साथ बिताए खूबसूरत पलों में होती है।


कहानी छुट्टियों में पिकनिक
दिव्यांशी
गर्मियों के दिन थे, रोहन, रवि, अनूप और महिमा की गर्मियों की छुट्टियां चल रही थी। उन्होंने पिकनिक पर जाने का सोचा।उन्होंने अपने पापा से कहा कि उन्हें पिकनिक पर लेकर चलें, पर पापा ने कहा कि अभी वे किसी काम में व्यस्त हैं।ज ब वे ज्यादा जिद करने लगे तो पापा ने हां कर दी। अनूप के पापा ने कहा कि तुम सब मेरे साथ चलो। अनुप ने अपने दोस्तों को कहा कि हम सब मेरे पापा के साथ चलते हैं, तो वे सब मान गए। अगले दिन वे सब पापा के साथ एक अच्छे जगह पर गए।वहां पर उन्होंने एक स्विमिंग पूल दिखाई दिया, पर वह बड़ों का था, तो पापा उन्हें एक बच्चों के पूल में ले गए। सभी ने वहां बहुत मजे किए।


तालाब में मस्ती
दर्शन भंडारकर
एक दिन मौसम बहुत सुहावना था। सूरज चमक रहा था और आसमान साफ था। चार दोस्त छुट्टी का आनंद लेने के लिए स्विमिंग पूल में गए। सभी बच्चे बहुत खुश थे। एक लड़का पानी में उछल-उछलकर खेल रहा था। एक लड़की तैर रही थी और दूसरा बच्चा बतख के आकार वाले फ्लोट पर बैठकर मज़े कर रहा था। एक छोटी लड़की भी पानी में खिलौने के साथ खेल रही थी। बच्चे एक-दूसरे पर पानी के छींटे मारते, गेंद से खेलते और खूब हँसते रहे। ठंडे पानी और गर्म धूप का यह मेल उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था।


स्विमिंग पूल में मस्ती
उदय शर्मा
जून का महीना था। गर्मी बहुत तेज पड़ रही थी। अजय, महेश और रीना, पिंकी एक ही स्कूल में पढ़ते थे। एक दिन अजय ने अपने दोस्तों से घूमने चलने को कहा रीना ने कहा कि गर्मी बहुत पड़ रही है। हम अगले रविवार किसी स्विमिंग पूल में चलते हैं। सभी ने सहमति दे दी। रविवार के दिन चारों अपने माता-पिता से अनुमति लेकर घर के पास में स्थित स्विमिंग पूल में नहाने पहुंच गए। चारों ने उस दिन खूब मस्ती की। गर्मी में स्विमिंग पूल में नहाकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। चारों खूब मस्ती करके वापस घर आ गए। शाम होने तक वे थक गए, लेकिन सभी बहुत खुश थे। उन्होंने तय किया कि वे फिर कभी साथ में तैरने और खेलने आएँगे।

स्विमिंग पूल की मस्ती और नन्हे दोस्त
दक्षराज चौहान
गर्मी का मौसम था और सूरज चमक रहा था। टॉम, रिया, पीहू और सैम चारों गहरे दोस्त थे। आज रविवार का दिन था, इसलिए उन्होंने तय किया कि वे सब मिलकर स्विमिंग पूल जाएंगे और खूब मस्ती करेंगे। सभी बच्चे अपने-अपने रंग-बिरंगे स्विमिंग गियर लेकर पूल पर पहुंच गए।रिया और पीहू ने अपनी रंगीन ट्यूब्स निकालीं और पानी में तैरने लगीं। रिया पानी में बैठकर ठंडी-ठंडी कोल्ड ड्रिंक का मजा ले रही थी, तो वहीं पीहू पानी की लहरों के साथ धीरे-धीरे तैर रही थी। तभी सैम अपनी पसंदीदा रबर की बत्तख, जिसका नाम उसने 'टॉबी' रखा था, लेकर पानी में आ गया। टॉबी पीले रंग की एक बहुत ही प्यारी और बड़ी बत्तख थी। सैम ने टॉबी को पानी में उतारा और उस पर बैठ गया। यह टॉबी की पहली राइड थी। सैम जोर से चिल्लाया— देखो दोस्तों, मेरी टॉबी तैर रही है। यह देखकर टॉम से रहा नहीं गया। वह पूल के किनारे खड़ा था और उसने पानी में एक ऊंची छलांग लगा दी। टॉम के कूदते ही पानी की बड़ी-बड़ी बौछारें हवा में उड़ने लगीं। टॉम ने हवा में ही हाथ फैलाकर चिल्लाया, हुर्रे! पानी के छींटे रिया, पीहू और सैम पर भी पड़े, जिससे सब खिलखिलाकर हंस पड़े। पूल में रंग-बिरंगी गेंदें भी तैर रही थीं, जिनसे बच्चे एक-दूसरे की तरफ फेंककर खेल रहे थे। सूरज की सुनहरी किरणें पानी पर चमक रही थीं और चारों तरफ सिर्फ बच्चों के हंसने और पानी में छपक-छपक करने की आवाजें गूंज रही थीं। यह दिन उन सभी के लिए बेहद खास और यादगार बन गया था

खुशियों से भरी गर्मी की छुट्टी
रजत बोहरा
गर्मी की छुट्टियों में आज मैं अपने दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल गया। आसमान साफ था और सूरज मुस्कुरा रहा था। पानी में उतरते ही ठंडक ने सारी गर्मी भुला दी। हम खूब उछले-कूदे और एक-दूसरे पर पानी की छींटें मारकर हंसते रहे। मेरा दोस्त आरव सबसे ज्यादा शरारती था। वह पूल के किनारे से छलांग लगाकर पानी में कूदा तो हम सब खुशी से चिल्ला उठे। थोड़ी देर बाद हम पानी में गेंद खेलने लगे। मेरी छोटी बहन भी तैरते हुए हमारे पास आ गई। उसने मुझे एक स्वादिष्ट सैंडविच खिलाया, जिसे देखकर मेरी भूख और बढ़ गई। शाम होते-होते सूरज ढलने लगा। हम थके जरूर थे, लेकिन हमारे चेहरों पर खुशी थी। उस दिन मुझे समझ आया कि सच्ची खुशी महँगे खिलौनों में नहीं, बल्कि दोस्तों और परिवार के साथ बिताए खूबसूरत पलों में होती है।


धूप में मस्ती
काव्या पंचारिया
गर्मियों की एक धूप भरी सुबह समीर, मीना, रोहन और रिया पूल में मस्ती कर रहे थे। नीले आसमान में सूरज चमक रहा था और बच्चों की खिलखिलाहट गूंज रही थी। समीर ने "हुर्रे!" चिल्लाते हुए पानी में ज़ोरदार छलांग लगाई, जिससे छपाक से पानी उड़ने लगा। रिया अपनी गुलाबी स्विम रिंग में तैरते हुए खिलखिलाकर हंस पड़ी। ​वहीं रोहन अपनी बत्तख वाली राइड पर बैठकर पानी का कप्तान बना हुआ था, तो मीना अपनी रंग-बिरंगी ट्यूब में आराम से बैठकर सैंडविच का मज़ा ले रही थी। पानी में तैरती रंगीन गेंदें उनकी खुशी को दोगुना कर रही थीं। चारों दोस्तों ने मिलकर दिनभर खूब मस्ती की और इस दिन को अपने लिए बेहद यादगार बना दिया!

पानी के छींटें
श्रीनिधि मीणा
गर्मियों की छुट्टियों में कुछ बच्चे अपने परिवार के साथ स्विमिंग पूल में घूमने गए। मौसम बहुत सुहावना था और आसमान में सूरज चमक रहा था। सभी बच्चे बहुत खुश थे। कोई पानी में उछल-कूद कर रहा था, तो कोई रंग-बिरंगी ट्यूब में बैठकर तैर रहा था। बच्चे गेंद से भी खेल रहे थे और एक-दूसरे पर पानी की छींटें उड़ा रहे थे। कुछ बच्चे पूल के किनारे बैठकर बातें कर रहे थे और खाना खा रहे थे। उन्होंने एक-दूसरे के साथ अपना भोजन भी बाँटा। सभी ने मिलकर खूब मस्ती की और सुंदर यादें बनाईं। शाम होने पर वे खुशी-खुशी घर लौटे। यह दिन उनके लिए बहुत आनंददायक और यादगार रहा।

चिल्लर पार्टी की पूल पार्टी
तनय व्यास
गर्मी की छुट्टियों में विकास, तनय, ज्योति और शिप्रा चार पक्के दोस्त थे। उनकी टोली का नाम “चिल्लर पार्टी” था। एक दिन चारों साथ बैठे थे। तभी विकास ने कहा— क्यों न इस रविवार हम सब पूल पार्टी करें?” सभी बहुत खुश हुए। विकास उनकी टोली का नेता था, इसलिए उसने पूरी योजना बना ली। रविवार को चारों बच्चे खुशी-खुशी पूल पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें एक बड़ी परेशानी दिखाई दी। पूल का पानी बहुत गंदा था, इसलिए उसमें तैरना सुरक्षित नहीं था। यह देखकर सभी निराश हो गए। उन्हें लगा कि उनकी पूल पार्टी खराब हो जाएगी। विकास ने सबको समझाया— घबराने की जरूरत नहीं है। हम बिना किसी बड़े की अनुमति के पूल में नहीं उतरेंगे।” फिर चारों ने वहाँ के गार्ड को पानी की समस्या बताई। गार्ड ने पूल की सफाई शुरू करवा दी। जब तक पूल साफ हो रहा था, बच्चे किनारे बैठकर बातें करने लगे और नाश्ता किया। समय बाद पूल का पानी साफ हो गया। गार्ड ने पानी सुरक्षित होने की जानकारी दी। यह सुनते ही चारों के चेहरे खुशी से खिल उठे। वे पूल में उतरे और खूब मस्ती करने लगे। तनय पानी में उछलने लगा, ज्योति और शिप्रा ट्यूब पर तैरने लगीं और विकास सबको देखकर मुस्कुराने लगा। उस दिन चिल्लर पार्टी ने खूब आनंद लिया और समझा कि मुसीबत आने पर घबराने के बजाय मिलकर उसका समाधान करना चाहिए।

स्विमिंग पूल का आनंद
सिया कुमावत
एक दिन की बात है। रोहन, लैला, शालू, गगन ने सोचा कि अभी हमारी गर्मियों की छुट्टियों के दो ही दिन बचे हैं। वे चारों स्विमिंग पूल जाने की ठान लेते हैं। वे सब जाकर अपने माता-पिता की अनुमति लेते हैं। अगले दिन वे सब स्विमिंग पूल जाते हैं। वहां उन्हें बहुत सारे लोग और अनेक वस्तुएं दिखाई देती हैं। तभी वे चारों स्विमिंग पूल में कूद जाते हैं। वहां उन्हें बहुत सारी खेलने की वस्तुएं और खाने के अनेक प्रकार के समान मिले। वहां उन्होंने बहुत मजे करें उन्होंने देखा कि वे सभी बच्चे बहुत आनंद से खेल रहे थे। तभी लैला ने देखा कि एक लड़का (बबलू) उदास होकर वहां बैठा था। लैला ने उसके पास जाकर उससे पूछा कि वह उदास क्यों है? उस लड़के ने कहां कि उसके सारे दोस्तों के पास बहुत सारे खेलने के समान है। उसके पास कुछ भी नहीं है। इसलिए उन्होंने उसे स्विमिंग पूल से बाहर निकाल दिया। लैला ने उसे अपने कुछ खिलौने दे दिए। बबलू बहुत खुश हो गया और उसने लैला का शुक्रिया अदा किया।

Updated on:
20 Aug 2026 05:21 pm
Published on:
20 Aug 2026 05:21 pm