बीते कुछ दिन से शहर की सड़कों पर सिटी बस नजर नहीं आ रहीं हैं। बसों का संचालन क्यों बंद किया गया है फिलहाल यह तो स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन इससे शहर के 10 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं।
सागर. बीते कुछ दिन से शहर की सड़कों पर सिटी बस नजर नहीं आ रहीं हैं। बसों का संचालन क्यों बंद किया गया है फिलहाल यह तो स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन इससे शहर के 10 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्राओं को हो रही है जो अंचल से बस स्टैंड पहुंचती हैं और उन्हें राजघाट रोड स्थित नए गल्र्स डिग्री कॉलेज जाना पड़ता है। सिटी बसें बंद होने से इन छात्राओं को आने-जाने 10 रुपए का खर्चा आता था, लेकिन अब ऑटो-रिक्शा से जाने में उन्हें 40 से 50 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं यदि कोई छात्रा लेट होने या अन्य किसी कारण के चलते अकेले कॉलेज जाना चाहे और ऑटो चालक को सवारियां न मिलें तो उसे 100 रुपए तक किराया लगेगा। यह स्थिति आमजन के साथ भी बन रही है।
नगर निगम ने आम यात्रियों को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए शहर में सिटी बस सेवा शुरू कराई थी। बसों के संचालन के लिए शहर के अलग-अलग मार्गों के चार रूट तय कर लगभग 30 बसों को चलाने प्लान था। इन रूटों में बहेरिया, बम्हौरी तिराहा, कृषि उपज मंडी, लेहदरा नाक, राजघाट रोड स्थित नया बस स्टैंड, कनेरादेव आदि मार्ग शामिल थे, लेकिन इतनी बसें शहर में अब तक नहीं चल सकीं।
सिटी बस कब से बंद हैं और इसकी वजह क्या है ? इस बात की जानकारी नगर निगम कार्यालय को भी नहीं दी गई है। इसके पहले जब कभी बसों का संचालन बंद होता था तो पहले नगर निगम को कारण सहित सूचना दी जाती थी। लोगों की माने तो पिछले एक सप्ताह से शहर की सड़कों पर सिटी बसें नजर नहीं आ रहीं हैं। वहीं नगर निगम का कहना है कि कुछ बसों का संचालन चालू है।
बसों का संचालन दो लोग मिलकर कर रहे हैं, उन्होंने बस बंद करने संबंधी कोई भी अधिकृत सूचना नगर निगम को नहीं दी है। संचालन कर रही एजेंसी को नोटिस जारी किया जाएगा।
राजकुमार खत्री, आयुक्त, नगर निगम