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शिकंजा : खंडवा में नौ स्कूलों ने 10 % से अधिक बढ़ाई फीस, दो लाख का होगा अर्थदंड

स्कूल शिक्षा विभाग ने बगैर सूचना दस फीसदी से अधिक फीस वृद्धि करने वालों पर शिकंजा कसने लगा, शासन के मापदंड पर जवाब नहीं तो दो लाख तक जुर्माना, वापस करनी होगी बढ़ी फीस

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Jul 14, 2024

स्कूल शिक्षा विभाग ने बगैर सूचना दस फीसदी से अधिक फीस वृद्धि करने वालों पर शिकंजा कसने लगा, शासन के मापदंड पर जवाब नहीं तो दो लाख तक जुर्माना, वापस करनी होगी बढ़ी फीस

बढ़ी फीस वसूली वापस करना पड़ेगा

स्कूल शिक्षा विभाग ने बगैर सूचना दस फीसदी से अधिक फीस वृद्धि करने वालों पर शिकंजा कसने लगा है। पोर्टल पर जानकारी दर्ज होने के बाद प्रारंभिक चरण में नौ स्कूलों के दस्तावेज में दस प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि का मामला सामने आया है। जिला स्तरीय समिति ने निजी स्कूलों को सूचना पत्र जारी कर लिखित में जानकारी उपलब्ध कराने के साथ सुनवाई के लिए बुलाया है। जवाब शासन की गाइड लाइन के तहत नहीं होने पर दो लाख तक अर्थदंड लगेगा और बढ़ी फीस वसूली वापस करना पड़ेगा। स्कूल शिक्षा विभाग का 24 जून को पोर्टल बंद होने के बाद दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। जांच प्रतिवेदन जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। समिति ने स्कूलों का पक्ष जाने के लिए नोटिस जारी की है।

इन स्कूलों को नोटिस

जिला स्तरीय कमेटी की ओर से जारी की गई नोटिस के अनुसार हाली स्प्रिट कान्वेंट स्कूल खंडवा, सेंट जोसेफ कान्वेंट स्कूल कोटवाड़ा, सेंट जोसेफ कान्वेंट स्कूल खंडवा, सुंदरबाई गुप्ता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खंडवा, गायत्री विद्या मंदिर बमनगांव आखई, सोफिया कान्वेंट स्कूल खंडवा, पेरामाउंट पब्लिक स्कूल कालमुखी, संत लक्ष्मण चैतन्य एकेडमी नहाल्दा, अनुदान प्राप्त जनता हाई स्कूल खंडवा।

शिथिल पड़ी आइएसबीएन की जांच

-शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने राजस्व और स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम गठित की है। टीम निजी स्कूलों में आइएसबीएन और डुप्लीकेट पुस्तकों की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेगी। पंद्रह दिन पहले एसडीएम बजरंग बहादुर सिंह की अगुवाई में दो स्कूलों की जांच की गई। जांच के दौरान पुस्तकें जब्त की गई हैं। इसके बाद से अभी तक जांच दल स्कूलों में नहीं पहुंचा और नही पुस्तक विक्रेताओं के यहां जांच की। कार्रवाई शिथिल पड़ गई है।

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