भीलवाड़ा शहर की मानसरोवर झील में प्री मानसून की बारिश से आया नाले का पानी मछलियों का जान का बैरी बन गया। यहां दो दिन में सैंकडों मछलियों की मौत हो गई।
भीलवाड़ा शहर की मानसरोवर झील में प्री मानसून की बारिश से आया नाले का पानी मछलियों का जान का बैरी बन गया। यहां दो दिन में सैंकडों मछलियों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार शहर के पटेलनगर िस्थत मानसरोवर झील में शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में मछलियां मृत देख कर क्षेत्र के लोग सन्न रह गए। घटना की सूचना पुलिस व प्रशासन को दी गई।
क्षेत्र के प्रबृद्ध जन के साथ ही मत्स्य विभाग एवं नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची। मत्स्य विभाग ने मौके से मृत मछलियों को हटावाया और उन्हें बाद में सुरक्षित स्थन पर दफनाया। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि मछलियां के मरने का सिलसिला गुरुवार से जारी है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में मछलियां मृत मिली। मृत मछलियों के कारण घाट के समीप सुबह से दुर्गंध उठ रही थी।
मत्स्य विकास अधिकारी इरशाद खान ने बताया कि दो दिन पूर्व शहर में प्री मानसून की बारिश हुई थी। इसके कारण आसपास के नालों में बरसाती पानी के साथ गंदा पानी भी आ गया। इसके कारण झील के पानी में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इसी कारण करीब एक क्विंटल से अधिक मछलियों की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में अब पानी साफ सुधार है और शुक्रवार को दिन मेें कोई मौत नहीं हुई। झील से पानी का सेम्पल लिया है। मौत के कारण जानने के लिए कुछ मछलियों का पोस्टमार्टम भी कराया। उधर, विधायक अशोक कोठारी ने भी मानसरोवर झील का दौरा कर मछलियां की मौत पर अफसरों को मौके पर बुलाया।