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न्यायिक जांच और सभी दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग

बेंगलूरु शहरी जिला अध्यक्ष अपूर्वा ने कहा कि देशभर में 24 लाख से ज्यादा छात्रों ने नीट दी थी। परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया, करीब 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया और दुर्भाग्य की बात यह है कि परीक्षा देने वाले 4 छात्र भी इस घोटाले में शामिल थे। वहीं दूसरी ओर एक ही परीक्षा केंद्र से लगातार सीरियल नंबर वाले 6 छात्रों ने 720 अंक हासिल किए

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Jun 12, 2024
एआइडीएसओ के बैनर तले छात्रों व अभिभावकों ने किया प्रदर्शन

मेडिकल, डेंटल, आयुष और नर्सिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2024 में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर विसंगति व धांधली के मामले में न्यायिक जांच व दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग को लेकर अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआइडीएसओ) के बैनर तले मंगलवार को विद्यार्थियों सहित अभिभावकों ने Bengaluru के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया।

AIDSO, Karnataka के सचिव अजय कामत ने निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि कोचिंग माफिया आज शिक्षा की बुनियादी उम्मीद में बाधा बन गए हैं। आज की शिक्षा प्रणाली में मूल्य आधारित शिक्षा पर जोर न दिए जाने के कारण छात्रों में आत्महत्या की संख्या भी बढ़ रही है। इस पृष्ठभूमि में, शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ कड़ा प्रतिरोध ही एकमात्र उपाय है।

बेंगलूरु शहरी जिला अध्यक्ष अपूर्वा ने कहा कि देशभर में 24 लाख से ज्यादा छात्रों ने नीट दी थी। परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया, करीब 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया और दुर्भाग्य की बात यह है कि परीक्षा देने वाले 4 छात्र भी इस घोटाले में शामिल थे। वहीं दूसरी ओर एक ही परीक्षा केंद्र से लगातार सीरियल नंबर वाले 6 छात्रों ने 720 अंक हासिल किए और इतना ही नहीं, 67 छात्रों ने पूरे अंक हासिल किए। नीट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।

परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी से कई सवाल उठते हैं। कुछ जगहों पर प्रश्न पत्र वितरण में देरी के कारण कृपांक अंक दिए गए। किस आधार पर कृपांक अंक दिए गए, इसका जवाब एनटीए के पास नहीं है। परीक्षा परिणाम दस दिन पहले यानी 4 जून को घोषित करना अपने आप में कई संदेह पैदा करता है।

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