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MP के 83 गांवों की बदलेगी तस्वीर, परियोजना से 25000 किसानों को मिलेगा फायदा

MP News: तय समय, करोड़ों के भुगतान, हजारों किसानों के फायदे और रास्ते के विवाद ने इस प्रोजेक्ट को सियासी और प्रशासनिक कसौटी पर ला खड़ा किया है, जहां फैसला भोपाल में होगा।
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विदिशा

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Akash Dewani

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Updated: 29 Jan 2026, 12:44 AM IST

mp news vidisha kotha barrage irrigation project minister tulsiram silawat

kotha barrage irrigation project (फोटो-Patrika.com)

MP News: जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsiram Silawat) ने विदिशा के निर्माणाधीन कोठा बैराज परियोजना के कार्यो का जायजा लिया, इस दौरान निर्देश दिए कि कार्य तय अवधि में पूरा किया जाए। कार्यों के संपादन कही कोई दिक्कत आती है तो तुरंत अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ाने की दिशा में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है। कोठा बैराज परियोजना पूरी हो जाने पर सिंचित रकबा ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति के भी प्रबंध होंगे। किसान इस परियोजना के माध्यम से एक साल में तीन फसल सुगमता से ले सकेंगे। रोजगार के अनेकों संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा। जलसंसाधन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ाने की दिशा में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है।

100 लाख हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप आगामी दो वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की तमाम बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति सुनिश्चित कराई जाने का लक्ष्य राज्य सरकार ने रखा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में राज्य सरकार पैसों की कमी नहीं होने दे रही है। उन्होंने बताया कि कोठा बैराज में अब तक पूर्ण कराएं गए तिरासी प्रतिशत कार्य का भुगतान हर स्तर पर किया जा चुका है।

इन तहसीलों के गांव होंगे लाभांवित

इस अवसर पर कुरवाई विधायक हरिसिंह सप्रे, भाजपा जिलाध्यक्ष महाराज सिंह दांगी के साथ अन्य जनप्रतिनिधि और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी साथ मौजूद रहे। परियोजना (Kotha Barrage) से 25 हजार किसान होंगे लाभांवित परियोजना से कुरवाई तहसील के 77 ग्रामों की 20 हजार 822 एवं गंजबासौदा तहसील के 6 ग्रामों की 1 हजार 650 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। इस तरह क्षेत्र में कुल 22 हजार 272 हेक्टेयर भूमि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली द्वारा रबी सिंचाई की जा सकेगी, जिससे कुल 83 ग्रामों के 25 हजार 500 किसान लाभांवित होंगे। परियोजना से पेयजल के लिए 8.8 मि.घ.मी. पानी आरक्षित रहेगा।

जारी प्रदर्शन टला

केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत बने कोठा बैराज पर रास्ता नहीं देने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसान व ग्रामीण बुधवार को जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मिले और अपनी व्यथा सुनाई। जिस पर उन्होंने 16 फरवरी को किसानों व ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल को भोपाल बुलाया है, वहीं रास्ते का फैसला होगा। इस कारण फिलहाल दो दिन से जारी सैकड़ों किसानों व ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन टल गया है। कोठा बैराज से सैकड़ो गांव के किसानों को लाभ मिलने वाला है, पब्लिक सिंह दांगी, चंद्रभान दांगी सहित अन्य किसानों ने बताया जब उनकी भूमि अधिकृत की जा रही थी, तब किसानों को आश्वासन दिया गया था कि बैराज पर से निकलने उन्हें रास्ता दिया जाएगा, लेकिन जब बैराज का काम अंतिम चरण में पहुंचा तो अधिकारियों ने यहां के किसानों से रास्ता देने से मनाकर दिया, जिसके चलते आक्रोशित किसान टेंट लगाकर बैराज पर ही विरोध करने बैठ गए।

दूसरे दिन जब जल संसाधन मंत्री बैराज पर पहुंचे तो किसानों ने बताया कि उन्हें अपना अनाज बेचने व अन्य जरूरी कार्यों के लिए मंडीबामोरा जाना-आना पड़ता है। जो यहां का प्रमुख रेलवे स्टेशन भी है। जिससे सैकड़ों गांव जुड़े हुए है। जो मात्र 7 किलोमीटर दूरी पर है। वहीं यदि बैराज का रास्ता बंद हो जाता है तो उन्हें 40 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर मंडीबामोरा आनाजाना पड़ेगा। वही मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि उन्हें निकलने रास्ता दिया जाएगा। 21 किसानों के प्रतिनिधि मंडल को विस्तृत जानकारी के साथ भोपाल बुलाया गया है। वहीं इस मामले में फैसला करने की बात कही गई है। (MP News)