
Dharmendra Pradhan Resignation: दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि यह पिछले कई दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरना-प्रदर्शन चल रहा है।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक के बाद से देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसी बीच शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी लगातार तेज होती गई।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक के बाद से देश में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जोरदार मांग उठ रही थी। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इसी मुद्दे को लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे थे, हालांकि उन्होंने अब भूख हड़ताल खत्म कर दी है।
इसके अलावा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उन्होंने भी छात्रों के समर्थन में चल रहे प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया था। संसद के भीतर और बाहर भी विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा था।
इससे पहले कल शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए पर बड़ा एक्शन लिया था, जिसमें 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया था। इसके साथ ही जिन अधिकारियों की भूमिका गंभीर लापरवाही या अनियमितताओं में सामने आई है उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी सामने आई थी। सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई अन्य कदम उठाने के संकेत भी दिए थे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताया है। दीपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए कहा, "हमने यह कर दिखाया है। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।"
दूसरी तरफ, कॉकरोच जनता पार्टी के X हैंडल से एक के बाद एक लगातार पोस्ट किए गए, जिनमें खुशी जाहिर करते हुए यह संदेश दिया गया कि शांतिपूर्ण तरीके से भी जीत हासिल की जा सकती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP की तरफ से इसे लोकतंत्र और छात्रों के आंदोलन की बड़ी जीत बताया गया।