Atiq Ahmed ISI connection In Dhurandhar The Revenge: बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर 2' के रिलीज होने के बाद अतीक अहमद और दाऊद इब्राहिम के चर्चे एक बार फिर तेज हो गए हैं।
Atiq Ahmed ISI connection In Dhurandhar The Revenge: बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' रिलीज के साथ ही चर्चा में बनी हुई है। फिल्म ने जहां दर्शकों को एक्शन और कहानी से बांधा है, वहीं इसमें दिखाए गए किरदारों ने पुराने अपराध जगत की यादों को भी ताजा कर दिया है। खास तौर पर फिल्म में दिखाए गए ‘आतिफ अहमद’ के किरदार ने उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर अतीक अहमद की छवि को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
फिल्म में आतिफ अहमद नाम का किरदार दिखाया गया है, जिसे अतीक अहमद से प्रेरित माना जा रहा है। कहानी में उसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा बताया गया है, जिसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसिज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकी संगठनों के साथ संबंध दर्शाए गए हैं। यही पहलू अब बहस का विषय बन गया है- क्या यह सच है या सिर्फ फिल्मी कल्पना?
इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए रिटायर्ड पुलिस अधिकारी लालजी शुक्ला ने अपने अनुभव साझा किए। 'न्यूज 18' की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर में तीन बार अतीक अहमद को गिरफ्तार किया था और उसके नेटवर्क को करीब से देखा था।
शुक्ला के अनुसार, अतीक का प्रभाव सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने राजनीति में भी मजबूत पकड़ बना ली थी। वह कई बार विधायक और सांसद भी रहा, जिससे उसकी ताकत और बढ़ती गई।
अतीक अहमद का नाम लंबे समय तक उत्तर प्रदेश के अपराध जगत में गूंजता रहा। उसने अवैध कारोबार और नेटवर्क के जरिए एक बड़ा साम्राज्य खड़ा किया। बताया जाता है कि उसने कई कंपनियों और फर्मों के जरिए अपनी काली कमाई को फैलाया।
इसके अलावा उसका संपर्क अन्य बड़े अपराधियों से भी जुड़ा हुआ था, जिनमें अंडरवर्ल्ड डॉन Dawood Ibrahim का नाम भी शामिल किया जाता है। हालांकि, इन कनेक्शनों को लेकर हमेशा विवाद बना रहा है।
फिल्म में दिखाया गया ISI कनेक्शन सबसे ज्यादा विवादित है। इस पर लालजी शुक्ला का कहना है कि फिल्मों में अक्सर वास्तविक घटनाओं को आधार बनाकर कहानी गढ़ी जाती है, लेकिन उसमें कल्पना का भी बड़ा हिस्सा होता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अतीक के अंडरवर्ल्ड से संबंध जरूर थे, लेकिन फिल्म में दिखाए गए कुछ पहलू अतिरंजित भी हो सकते हैं। खासकर यह दावा कि वह विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर बड़े राजनीतिक बदलाव की योजना बना रहा था, इसे पूरी तरह प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
अतीक अहमद का अंत भी उतना ही नाटकीय रहा जितना उसका जीवन। साल 2023 में प्रयागराज में पुलिस कस्टडी के दौरान उसकी और उसके भाई की हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया था और एक लंबे समय से चल रहे अपराध के अध्याय का अंत हो गया।
'धुरंधर 2' ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि फिल्मों में दिखाई गई कहानी और वास्तविक घटनाओं के बीच की सीमा क्या है। जहां फिल्में मनोरंजन का माध्यम हैं, वहीं वो समाज की धारणाओं को भी प्रभावित करती हैं।
फिलहाल, ये फिल्म दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है- कुछ इसे सच्चाई के करीब मान रहे हैं, तो कुछ इसे केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति बता रहे हैं।