आपातकाल के 50 वर्ष’ विषय पर जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 45 विद्यार्थियों ने लिया भाग, शीर्ष 5 राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुआ आयोजन
उज्जैन। शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में "विकसित भारत युवा संसद 2026" के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के 45 विद्यार्थियों ने “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद निर्णायक मंडल के सदस्य किशोर रक्ताले, डॉ. प्रदीप लखारे, डॉ. विजय वर्मा, दारा सिंह चौधरी, डॉ. दिव्या वर्मा और हरजीत का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत पुराणिक ने कहा कि युवा संसद विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। प्रतियोगिता में प्रत्येक प्रतिभागी को अपने विचार रखने के लिए तीन मिनट का समय दिया गया था। विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक तथ्यों और समकालीन संदर्भों के साथ विषय पर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषय की प्रासंगिकता, प्रस्तुति की स्पष्टता, संचार कौशल, बॉडी लैंग्वेज, रचनात्मकता और समय पालन जैसे मानकों के आधार पर किया।
जिला स्तर पर चयनित शीर्ष 5 विद्यार्थी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उज्जैन का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहां से चयनित होने वाले प्रथम 10 प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संसद में भाग लेने का अवसर मिलेगा। उज्जैन जिले से तैयार मेरिट सूची में निहार जैन, स्नेहा चौरसिया, निशा जैन, राज भोगे, कार्तिकेय मिश्रा, मान्या अग्रवाल, ललिता माली, अनुष्का आर्य, आदित्य भगत और पीयूष पाटीदार शामिल हैं। इनमें से प्रथम पांच प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अलग से सूचित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रदीप लखारे ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और विषय की गहन समझ की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं का जागरूक और संवेदनशील होना अत्यंत आवश्यक है।