23 दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर कराए ट्रांसफर, दिल्ली-नोएडा व आंध्रप्रदेश खातों तक पहुंची रकम
23 दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर कराए ट्रांसफर, दिल्ली-नोएडा व आंध्रप्रदेश खातों तक पहुंची रकम
ग्वालियर। शहर में साइबर ठगों ने वायुसेना के रिटायर्ड डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 2 करोड़ 52 लाख रुपए की बड़ी ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया। ठगों ने 89 वर्षीय डॉक्टर को 23 दिन तक मानसिक दबाव में रखकर उनके बैंक खातों से रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा ली।
विडंसर हिल्स निवासी नारायण महादेव टिकेकर को ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर आरोपियों ने उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” में होने का झांसा दिया और लगातार संपर्क में रखकर पांच बार में रकम ट्रांसफर करवाई।
पांच खातों में पहुंचाई रकम
क्राइम ब्रांच के अनुसार ठगों ने डॉक्टर के तीन बैंक खातों से कुल 2.52 करोड़ रुपए निकलवाकर पांच अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराए। प्रारंभिक जांच में करीब 50 लाख रुपए दिल्ली और नोएडा स्थित खातों में ट्रांसफर होना सामने आया है, जबकि शेष रकम आंध्रप्रदेश के खातों में भेजी गई।
क्राइम ब्रांच सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि खातों की पहचान कर ली गई है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की पांच टीमें दिल्ली, नोएडा और आंध्रप्रदेश रवाना की गई हैं।
खाते खाली होने पर हुआ ठगी का अहसास
तीनों बैंक खाते पूरी तरह खाली होने के बाद ठगों ने संपर्क बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
बुजुर्गों को जागरूक करेगी पुलिस
एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि हाल के दिनों में साइबर ठग खास तौर पर बुजुर्गों और पेंशनभोगियों को निशाना बना रहे हैं। इससे बचाव के लिए पुलिस जागरूकता अभियान चलाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून में “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए।