बूंदी ग्रामीण द्वितीय में विद्युत निगम के ग्रिड स्टेशनों पर कर्मचारियों की कमी के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रामगंजबालाजी. बूंदी ग्रामीण द्वितीय में विद्युत निगम के ग्रिड स्टेशनों पर कर्मचारियों की कमी के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी अनुसार बूंदी ग्रामीण में तीन जगह कनिष्ठ अभियंताओं को नमाना, रघुनाथपुरा, रामनगर में
15 ग्रिड स्टेशनों की जिम्मेदारी दे रखी है। इन ग्रिड स्टेशनों से जुड़े 85 फीडरों पर पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने के चलते कई बार कर्मचारियों को 24 घंटे तक अपनी सेवाएं देनी पड़ रही है। वर्तमान में सभी फीडरों पर कार्य करने के लिए केवल
39 टेक्निकल कर्मचारी विभाग के पास है। जबकि प्रत्येक फीडर पर एक टेक्निकल कर्मचारी की आवश्यकता है। टेक्निकल कर्मचारियों की संख्या रिलीवर सहित लगभग 85 होनी चाहिए।
50 से 60 किलोमीटर लंबी दूरी
बूंदी ग्रामीण में दोलाडा, मांगली, माटुंदा, खटकड़, रघुनाथपुरा, रायथल, ढोला की झोपडिय़ां, नमाना, मंडावरा, सीलोर हट्टीपुरा, रामनगर, गुढ़ानाथावतान, टनल, कुंवारती मंडी 15 ग्रिड स्ट्रेशन है। इन ग्रिड स्टेशनों का लगभग 50 से 60 किलोमीटर का एरिया पड़ता है। इसमें कई बार विद्युत आपूर्ति में बड़ा फाल्ट आ जाने पर या समस्या हो जाने पर कर्मचारियों को 24 घंटे तक ड्यूटी देनी पड़ती है। कई बार तो रिलीवर नहीं होने के चलते कर्मचारियों को दो-दो शिफ्ट में कार्य करना पड़ता है।
एफआरटी टीम की भी कमी
ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने के बाद में निगम द्वारा तीनों कनिष्ठ अभियंताओं के मुख्यालय पर फाल्ट सुधारने के लिए गाडिय़ों की आवश्यकता है। ताकि कहीं भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने के बाद में टीम के कर्मचारियों द्वारा लाइनों में फाल्ट आने पर उन्हें दुरुस्त किया जा सके, लेकिन यहां पर बूंदी ग्रामीण में एक ही एफआरटी होने के चलते ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने के बावजूद भी कई बार उपभोक्ताओं को घंटे तक राहत नहीं मिल पाती।
संसाधनों का अभाव
इतना ही नहीं निगम में कार्यरत टेक्निकल कर्मचारियों के पास पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा उपकरणों की भी कमी है। कर्मचारियों को मिलने वाले सुरक्षा उपकरण दस्ताने, अर्थिंग चैन, पाने, पिलायर, जूते सहित अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, लेकिन यहां पर इन संसाधनों की भी कमी होने के चलते कई बार एक साथ कई जगहों पर फाल्ट की समस्या होने के बाद में निगम के कर्मचारियों को उपकरणों के लिए इंतजार करना पड़ता है।
ग्रिड स्टेशनों पर कर्मचारियों की कमी के लिए बैठकों में अधीक्षण अभियंता को अवगत कराया जाता है। कर्मचारियों की कमी होने के चलते कई बार कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएम जारवाल, सहायक अभियंता बूंदी ग्रामीण