
chhattisgarh news : इस वर्ष मानसून की बेरुखी से छत्तीसगढ़ के किसान परेशान हैं। अच्छी वर्षा के इंतजार में किसान चिंतित हैं। सोमवार शाम हुई थोड़ी वर्षा ने कुछ राहत दी, लेकिन स्थिति गंभीर है। इस दिन जिलेभर में औसत 16.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में इस मानसून सीजन जून में औंसत 36.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मध्य भारत और छत्तीसगढ़ में कम वर्षा को लेकर कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए सुझाव जारी किए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख केआर साहू ने किसानों को सलाह दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जून के प्रारंभिक चरण में मध्य भारत एवं छत्तीसगढ़ में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को अत्यधिक कमी श्रेणी में रखा गया है, जहां वर्षा में 60 प्रतिशत से अधिक की कमी है। उन्होंने किसानों को चेतावनी देते हुए कहा कि पर्याप्त वर्षा होने तक धान की सीधी बुआई या रोपाई में जल्दबाजी न करें। इसके स्थान पर खुर्रा बुआई या सीधे सीड ड्रील का एक्सपेरिमेंट करें। असमान और रुक-रुक कर होने वाली वर्षा से बीज अंकुरण प्रभावित हो सकता है। इसलिए बीज बचाकर रखें। वर्षा की कमी से नमी संरक्षण एवं सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें।
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किसानों के लिए समाधान सुझाते हुए उन्होंने कहा कि सूखा सहनशील एवं अल्प अवधि वाली धान की किस्मों (जैसे विक्रम टीसीआर, सीजी तेजस्वी) का चयन करें। वर्षा जल का संरक्षण करें, खेत तालाब, मेड़बंदी तथा फार्म पॉन्ड का निर्माण करें। सूक्ष्म सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप एवं स्प्रिंकलर का उपयोग कर पानी की बचत करें। धान के स्थान पर अरहर, मूंग, उड़द, तिल, रागी एवं अन्य मोटे अनाजों की खेती करें। जैविक खाद एवं गोबर खाद का एक्सपेरिमेंट कर मिट्टी के जल धारण क्षमता में सुधार करें। मौसम पूर्वानुमान एवं कृषि सलाह का नियमित पालन करें और वैकल्पिक फसल योजना तैयार रखें।
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जिले के किसानों ने धान की बोआई शुरू कर दी है, लेकिन किसानों को अभी अच्छी बारिश का इंतजार है। सोमवार को बालोद में सबसे ज्यादा डौंडी तहसील में 53 मिमी बारिश हुई। गुरुर तहसील में 22 व बालोद तहसील में 8 मिमी, गुंडरदेही में 10.9 व अर्जुंदा तहसील में 10 मिमी बारिश हुई। सबसे कम डौंडीलोहारा तहसील में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई।