
- पहले ही शिविर में 120 आवेदन पहुंचे, 50 से अधिक मामलों का मौके पर हुआ निराकरण
- जिले में एसपी और कलेक्टर की नई पहल से लोगों को राहत
नगर में 25 शिकायतों की सुनवाई
शहर के कोतवाली थाने में आयोजित संयुक्त शिविर में नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव बारंगे, तहसीलदार नितिन चौहान, तहसीलदार परवीन अंसारी सहित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कोतवाली, मोघट और पदमनगर थाना क्षेत्रों से जुड़े भूमि विवादों की सुनवाई की। दोपहर से ही बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जिलेभर में कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 50 से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। इनमें लगभग 25 शिकायतें शहरी क्षेत्र की थीं।
इसलिए जिले में हुई पहल
अब तक भूमि विवादों में शिकायतकर्ता कभी पुलिस थाने तो कभी तहसील कार्यालय के चक्कर लगाते थे। पुलिस मामले को राजस्व का विषय बताती थी, जबकि राजस्व विभाग कई मामलों में पुलिस कार्रवाई की बात कहता था। इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी और विलंब का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और पुलिस अधिकारियों को एक ही स्थान पर बैठाकर संयुक्त सुनवाई की व्यवस्था की गई।
लंबित विवादों के समाधान से राहत
शिविर में कई वर्षों से लंबित विवादों का समाधान भी हुआ। घासपुरा निवासी मोहम्मद शहजाद और उनके पड़ोसी के बीच प्लॉट सीमांकन को लेकर चल रहा विवाद आपसी सहमति से समाप्त हो गया। सिहाड़ा गांव में दो किसानों के बीच खेत तक रास्ते के विवाद में तहसीलदार ने रास्ता उपलब्ध कराने के आदेश दिए। वहीं गणेश तलाई निवासी जगन्नाथ सिल्टे की गली पर हुए अतिक्रमण के मामले में तीन दिन के भीतर सीमांकन कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए। विवाद करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई।
- जिले में प्रतिदिन करीब 10 भूमि विवाद की शिकायतें प्राप्त होती हैं और फसल की बुवाई तथा कटाई के समय इनकी संख्या बढ़ जाती है। इसे देखते हुए अब प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को जिले के सभी थानों में पुलिस और राजस्व विभाग का संयुक्त भूमि विवाद समाधान शिविर लगाया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर त्वरित न्याय, पारदर्शी सुनवाई और समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराना है। - अगम जैन, पुलिस अधीक्षक।