
गंगापुरसिटी (सवाईमाधोपुर)। पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खण्डीप में विगत 20 दिन से चल रहा धरना बुधवार शाम को कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के एक सप्ताह में पानी छोड़ने का आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। सरकार से वार्ता के लिए 11 सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी।
महापंचायत को सम्बोधित करते हुए डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने कहा कि यह पार्टी की नहीं, किसानों की लड़ाई है। वह और उनका परिवार किसानों के कर्ज तले दबा है। पिछले दिनों घर में गमी होने के कारण वे नहीं आ पाए, इस कारण गोलमा देवी को भेजा। लेकिन पटेलों ने कहा कि आना ही होगा तो वे आ गए। वे लगातार इसका अपडेट ले रहे थे।
वे मुख्यमंत्री को पहले भी पत्र लिख चुके थे और अब भी बात करके आए हैं। कहा कि मैंने भी बहुत आंदोलन किए हैं, लेकिन मेरे किसी आंदोलन में इतनी महिलाएं नहीं आईं, जितनी इस आंदोलन में आई हैं। सभी नेताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से इस आंदोलन को चलाया। बीस साल की मेहनत और बीस दिन बराबर हैं। कहा कि मेरे पर भरोसा करते हो तो सिंचाई मंत्री से लिखाकर लाऊंगा कि पानी खुलेगा और कभी बंद नहीं होगा। इसके बाद हाथ खड़े करवाकर धरना समाप्ति की घोषणा हुई। इसके बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
उन्होंने वर्ष 2022 के हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी पालना के लिए उन्होंने रेल रोकी और एक साल की सजा हुई। लेकिन उस समय आदमी कम थे। लेकिन आज बड़ी संख्या में लोग बैठे हैं तो सरकार ने भी किसानों का सम्मान किया है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म भी पिछले छह दिनों से करौली में मेहनत कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 5 जून से खण्डीप में गंगापुरसिटी विधायक रामकेश मीना के नेतृत्व में धरना चल रहा था।
खण्डीप में चल रही महापंचायत में संघर्ष समिति के आह्वान पर दोनों दलों के नेता पहुंचे। इस दौरान गंगापुरसिटी विधायक रामकेश मीना, महवा विधायक राजेन्द्र मीना, लालसोट विधायक रामविलास मीना, जमवारामगढ़ विधायक महेन्द्रपाल मीना, भागचन्द सैनी टांकड़ा, बामनवास विधायक इन्दिरा मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, दौसा सांसद मुरारीलाल मीना, पूर्व विधायक लाखनसिंह मीना, पूर्व विधायक सुरेश मीना, सपोटरा विधायक हंसराज मीना आदि शामिल हुए।