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पांचना बांध: सांसद, विधायक व पूर्व मंत्री पहुंचे धरना स्थल; सरकार को 27 जून तक अल्टीमेटम

Panchna Dam Dispute :पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खण्डीप में चल रहे धरने में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। वहीं बड़े नेता भी धरने में शामिल हो रहे हैं। दूसरी ओर पुलिस-प्रशासन की गतिविधियों में भी लगातार इजाफा हो रहा है।
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सवाई माधोपुर

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kamlesh sharma

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Updated: 23 Jun 2026, 8:35 PM IST

Panchna Dam Dispute

खण्डीप में चल रही महापंचायत में मौजूद नेता व पंच-पटेल। फोटो पत्रिका

Panchna Dam Dispute : गंगापुरसिटी (सवाईमाधोपुर)। पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खण्डीप में चल रहे धरने में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। वहीं बड़े नेता भी धरने में शामिल हो रहे हैं। दूसरी ओर पुलिस-प्रशासन की गतिविधियों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। धरने पर मंगलवार को नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों से भारी संख्या में किसान और ग्रामीण पहुंचे।

धरना स्थल पर टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी मौजूद रही। लाखन सिंह मीना ने कहा कि जब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता, संघर्ष जारी रहेगा। संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने घोषणा की कि 24 जून को सभी दलों के जनप्रतिनिधि खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाएं।

विधायक घनश्याम महर ने चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं होते तो समाज और समिति कठोर निर्णय लेगी। उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। विधायक रामकेश मीना ने कहा कि यह आंदोलन पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय है। सरकार को 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है।

मांग किसी वर्ग से नहीं, सरकार से है : सांसद

सांसद हरिश्चन्द्र मीना ने कहा कि यह मांग किसी वर्ग से नहीं, बल्कि सरकार से है। यह उच्च न्यायालय का आदेश है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसान चाहे तो वे पांचना बांध तक चलने को तैयार हैं। उन्होंने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना सहित अन्य नेताओं से भी आह्वान किया कि वे धरना स्थल पर आकर किसानों के अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करें।

सरकार ने दस आरपीएस अधिकारी लगाए

इधर, राज्य सरकार ने देर रात दस आरपीएस अधिकारी लगाए हैं। इनमें अधिकांश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। वहीं छह आरपीएस अधिकारी पहले से ही नियुक्त हैं। साथ ही चार आरएएस अधिकारी भी लगाए हैं।

उधर, करौली में वरिष्ठ आइएएस कृष्ण कुणाल, एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ, संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया, सवाईमाधोपुर कलक्टर कानाराम, पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी के अलावा करौली कलक्टर व एसपी पांचना संघर्ष समिति व कमाण्ड क्षेत्र के किसानों से लगातार चर्चा कर किसी नतीजे पर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

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