
Panchna Dam water issue: विधायक रामकेश मीणा। फोटो पत्रिका
Panchna Dam Water Issue : गंगापुरसिटी (सवाईमाधोपुर)। विधायक रामकेश मीणा ने कहा कि पांचना बांध से पानी छोड़ने के मामले में भाजपा की सरकार दो जातियों को लड़वाना चाहती है। यही कारण है कि इसका उचित समाधान नहीं निकाला जा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री खुद इसी संभाग से आते हैं। सरकार के मंत्री आरोप लगा रहे हैं कि मैं राजनीति कर रहा हूं। अगर सीएम कहें कि विधायकी से इस्तीफा दे दो, पांचना बांध से पानी छोड़ दिया जाएगा तो वे एक मिनट में पद छोड़ देंगे।
विधायक ने कहा कि कोटा आए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग रखी। साथ ही आग्रह किया कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अशोक गहलोत एवं सचिन पायलट सहित अन्य पदाधिकारियों को इस मामले में सक्रिय हस्तक्षेप कर किसानों की समस्या का शीघ्र सरकार से समाधान कराने की पहल करें।
विधायक ने कहा कि गांधी को पिछले 13 दिनों से पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे कमाण्ड क्षेत्र के किसानों की समस्याओं एवं पीड़ा से उन्हें अवगत कराया। गांधी ने इस प्रकरण में उचित एवं सकारात्मक समाधान करवाने का आश्वासन दिया है।
इधर, महापंचायत 14वें दिन भी जारी रही। किसानों ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की पूर्ण पालना कराते हुए पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों का कहना है कि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है।
कमाण्ड क्षेत्र के किसानों की भूमि नहर निर्माण के लिए अवाप्त की गई, लेकिन वर्षों बाद भी नहरें सूखी पड़ी हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद राज्य सरकार उनकी पालना सुनिश्चित कराने में विफल रही है।
महापंचायत में हजारों की तादाद में कमाण्ड क्षेत्र के किसान, पंच-पटेल, महिलाएं, युवा मौजूद रहे। 18 जून से 19 जून तक नवाजीपुरा एवं भालपुर के ग्रामीणों ने भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया।
सचिन पायलट ने पांचना बांध को लेकर कहा कि पिछले कई दिनों से ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी पक्षों की बात सुनकर न्यायपूर्ण निर्णय करे। पानी सभी की जरूरत है और इस मुद्दे का समाधान नियमों व कानून के अनुसार होना चाहिए। पायलट ने कहा कि देश की न्यायपालिका पर सभी को भरोसा है, इसलिए हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान और उसकी पालना होनी चाहिए। सरकार को मौके पर टीम भेजकर सभी पक्षों से बातचीत करनी चाहिए, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।
Updated on:
18 Jun 2026, 6:55 PM IST
Published on:
18 Jun 2026, 6:55 PM IST
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