मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तर और मध्य गुजरात के कई जिलों में मौसम के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार अहमदाबाद, गांधीनगर, मेहसाणा, साबरकांठा, अरवल्ली, खेड़ा, आणंद, पंचमहाल, दाहोद, महीसागर, वडोदरा, छोटाउदेपुर, नर्मदा और भरूच जिलों में गरज-चमक, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इनमें अहमदाबाद भी शामिल है,। इसके अलावा खेड़ा, , दाहोद, महीसागर, वडोदरा और छोटाउदेपुर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि इसके बाद अधिकांश उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने और मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के संकेत हैं।

गुजरात में प्री-मानसून गतिविधियां अब जोर पकड़ने लगी हैं। शुक्रवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक राज्य की 48 तहसीलों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें सबसे अधिक असर मध्य गुजरात में देखने को मिला। पंचमहाल जिले में गोधरा का गोंद्रा कॉज-वे पानी में डूब गया। कई इलाकों में दो से तीन इंच तक पानी बरसने से सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को उमस से राहत मिली।
राज्य में शुक्रवार को सबसे अधिक 2.91 इंच बारिश खेड़ा जिले की गलतेश्वर तहसील में हुई। पंचमहाल जिले की कालोल में 2.52 इंच और गोधरा में 2.48 इंच पानी बरसा। छोटा उदेपुर जिले की बोडेली तहसील में 2.20 इंच तथा पंचमहाल की मोरवा हड़फ में 1.89 इंच और घोघंबा में 1.69 इंच बारिश दर्ज की गई। दिनभर के आंकड़ों में चार तहसीलों में दो से तीन इंच, दो तहसीलों में एक से दो इंच तथा नौ तहसीलों में आधा से एक इंच बारिश हुई। भारी वर्षा के कारण पंचमहाल, खेड़ा और छोटाउदेपुर के कुछ क्षेत्रों में निचले इलाकों में पानी जमा होने और ग्रामीण मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी।
गुरुवार रात भर पौने तीन इंच बारिश के चलते पंचमहाल जिले के मुख्यालय गोधरा में कई निचले क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया। भूरावाव, परवड़ी समेत अन्य इलाकों में सड़कों के साथ कुछ घरों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेसरी नदी में पानी की तेज आवक के कारण प्रशासन ने नदी किनारे और निचले क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गोंद्रा कॉजवे बंद होने से वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट करना पड़ा, जिससे शहर के अन्य हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गोधरा नगरपालिका के मुख्य अधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पंपिंग मशीनों के जरिए पानी निकालने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने प्री-मानसून तैयारियों पर सवाल उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग की है।
इससे पहले शुक्रवार सुबह छह बजे तक 76 तहसीलों में बारिश हुई। इसमें पंचमहाल जिले की हालोल में सर्वाधिक 4.56 इंच वर्षा दर्ज की गई। साथ ही गोधरा, जांबुघोड़ा और शेहरा में तीन इंच से ज्यादा वहीं घोघंबा में 2 इंच से ज्यादा बारिश हुई। बोटाद की बरवाला, महेसाणा की कड़ी तहसील और खेड़ा की नडियाद तहसील में 2 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तर और मध्य गुजरात के कई जिलों में मौसम के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार अहमदाबाद, गांधीनगर, मेहसाणा, साबरकांठा, अरवल्ली, खेड़ा, आणंद, पंचमहाल, दाहोद, महीसागर, वडोदरा, छोटाउदेपुर, नर्मदा और भरूच जिलों में गरज-चमक, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इनमें अहमदाबाद भी शामिल है,।इसके अलावा खेड़ा, , दाहोद, महीसागर, वडोदरा और छोटाउदेपुर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि इसके बाद अधिकांश उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने और मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के संकेत हैं।