जैसलमेर

सोनार दुर्ग की घाटियों में जमी गुलाल, बढ़ा हादसों का खतरा: पर्यटक चिंतित, दुर्गवासी बोले- तत्काल हो धुलाई जरूरी

ऐतिहासिक सोनार दुर्ग की सर्पिलाकार और चिकनी घाटियों में बिखरी गुलाल की मोटी परत दो दिन बाद भी जमी हुई है। इसके चलते राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

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Mar 04, 2026

ऐतिहासिक सोनार दुर्ग की सर्पिलाकार और चिकनी घाटियों में बिखरी गुलाल की मोटी परत दो दिन बाद भी जमी हुई है। इसके चलते राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। दुर्ग की हवा प्रोल, सूरज प्रोल और अखे प्रोल क्षेत्र की चढ़ाई वाली घाटियों में फिसलन इतनी बढ़ गई है कि लोगों को हर कदम बेहद सावधानी से रखना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन मार्गों से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है। गुलाल के जमाव के कारण कई लोग गिर चुके हैं और दुपहिया वाहन चालक संतुलन खो बैठे हैं।

बढ़ता जा रहा जोखिम

दुर्गवासियों के अनुसार घाटियों की सतह पहले ही पत्थर की होने से चिकनी रहती है, उस पर गुलाल और नमी ने खतरा और बढ़ा दिया है। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद अब तक व्यापक सफाई अभियान शुरू नहीं हुआ है। इससे लोगों में नाराजगी है।

पर्यटकों की नाराजगी

जयपुर से आए पर्यटक निखिल माथुर ने बताया कि दुर्ग की चढ़ाई के दौरान फिसलन के कारण हर कदम संभलकर रखना पड़ रहा है। चैन्नई से आई रिक्तिका बताती है कि यदि शीघ्र पानी से धुलाई नहीं कराई गई तो गंभीर हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि घाटियों की तत्काल समुचित सफाई कर पानी से धुलाई कराई जाए। इससे न केवल संभावित दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा भी बनी रहेगी।

Published on:
04 Mar 2026 08:38 pm
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