बूंदी

अतिवृष्टि लील गई खरीफ की फसल, हिण्डोली-नैनवां में खेत बने तलाई

हिण्डोली उपखंड क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश के चलते खरीफ की फसल में काफी तादाद में फसल खराब हुई है।

2 min read
Sep 09, 2025
हिण्डोली. अशोक नगर में खेतों में भरा दो महीने से पानी।

हिण्डोली. हिण्डोली उपखंड क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश के चलते खरीफ की फसल में काफी तादाद में फसल खराब हुई है।जिस पर राज्य सरकार द्वारा दिए सर्वे के निर्देश पर राजस्व विभाग ने खरीफ की फसल का अनुमानित नुकसान 57 फीसदी माना है। फाइनल सर्वे की रिपोर्ट जल्द आने वाली है।

जानकारी के अनुसार इस बार जून माह में ही बारिश का दौर शुरू हो गया। जुलाई, अगस्त, सितंबर के प्रथम सप्ताह तक भी जारी है। यहां पर भी रिकॉर्ड बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। किसानों द्वारा खेतों में बोई गई खरीफ की फसल उड़द, सोयाबीन, धान, मक्का, ज्वार , एवं सब्जियों काफी मात्रा में खराब हो गई है। खेतों में अब तक की पानी भरा हुआ है। जिस फसले सभी नष्ट होने के कगार पर है। गत दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिला कलक्टरों को खरीफ की फसल का खराबे का सर्वे के निर्देश दिए थे। जिस पर अधिकारियों ने प्रथम स्तर पर अनुमानित फसल खराबा 57 फीसदी बताया है।

तेजी से हो रहा हैं सर्वे
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खरीफ की फसल अतिवृष्टि से खराब हुई जिसका सर्वे हुई पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक दिन भर खेतों पर रहकर सर्वे कर रहे हैं। जिनकी फाइनल रिपोर्ट शीघ्र ही आने वाली है। उसके बाद फाइनल रिपोर्ट पर नुकसान और अधिक हुआ है, उसकी सूचना राज्य सरकार को भिजवाई जाएगी।

उड़द व सोयाबीन में सर्वाधिक खराबा
राजस्व विभाग व कृषि विभाग की अधिकारियों की माने तो सर्वाधिक खराबा उड़द व सोयाबीन फसलों में हुआ। इसके अलावा मक्का, ज्वार, सब्जियों सहित फसलों में भी व्यापक नुकसान हुआ है। इस बार रिकॉर्ड बारिश दर्ज चुकी है। अतिवृष्टि से फसलों में व्यापक नुकसान हुआ है। जिन किसानों की फसल 33 फीसदी से अधिक खराब हुई हैं। उन सभी किसानों को राज्य सरकार मुआवजा देगी। जिनके मकान गिरे हैं, पशुओं की मौत हो गई है।

उनको भी राज्य सरकार आर्थिक मदद देगी। जो किसान सर्वे से वंचित रहे हैं वो आवेदन के साथ नाम जुड़वाएं। पीड़ित किसानों को राहत मिल सकेगी।
प्रभुलाल सैनी, पूर्व कृषि मंत्री।

राज्य सरकार से मिले निर्देश पर खेतों में सर्वे किया जा रहा है। बैठक में अनुमानित नुकसान 57 फीसदी से अधिक माना है। इसके अलावा कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी खेतों पर जाकर सर्वे कर रहे हैं। उनकी फाइनल रिपोर्ट आने पर वास्तविक सर्वे राज्य सरकार को भिजवाया जाएगा। आपदा से अन्य नुकसान हुआ है, उन किसानों को राहत मिलेगी।
रतनलाल मीणा, तहसीलदार हिण्डोली

Also Read
View All

अगली खबर