- गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत का सरकार पर हमला - कुचामन शहर रहा बंद, थाने पर किया प्रदर्शन
कुचामनसिटी (नागौर). गैंगेस्टर रोहित गोदारा व वीरेन्द्र चारण के नाम पर गुर्गे राहुल फतेहपुरा की ओर से दो दिन पहले कुचमान के भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा को आडियो मैसेज भेजकर रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी के विरोध में मंगलवार को कुचामन बंद रहा। इस दौरान थाने पर प्रदर्शन के बाद सभा आयोजित की गई।
सभा में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे स्व. सुखदेवसिंह गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत ने पीड़ा उजागर करते कहा कि किसी को मरने से पहले संभाल लोगे तो घर का चिराग खत्म नहीं होगा। किसी पत्नी को यह भुगतना नहीं पड़ेगा, जो मैं भुगत रही हूं। लेकिन इतनी अक्ल थोड़ी ना है। कह देते हैं कि प्रशासन यह कर रहा है, सरकार यह कर रही है, जब केन्द्र में सरकार बीजेपी की है, स्टेट में सरकारी बीजेपी की है, तो मैं कहती हूं इन लोगों को बैठाकर क्या दूध और पानी चढ़ाना बाकी रह गया क्या? सुखदेवसिंह गोगामेड़ी को मारने वाले अभी तक बैठे हैं, क्या किया उनका? आज तक बैठे हैं ना, कुछ भी आपके हाथ में नहीं है। केन्द्र से यदि आज भी एक फोन आ जाए कि इनका एनकाउण्टर करना है तो क्या एनकाउण्टर नहीं होगा।
हमें जरूरत तब गेट बंद
उन्होंने कहा कि जब सीएम योगी एक मिनट में एनकाउंटर कराते हैं तो हमारी बीजेपी सरकार, हमारी राजस्थान को सांप सूंघ गया क्या? वोट लेने के टाइम तो हमारे घर-घर हो जाते हैं, लेकिन जब हमें जरूरत होती है तो गेट बंद कर लेते हैं। अरे पीड़ा होती है, जिस घर से आदमी जाता है, उसको पीड़ा होती है। उन्होंने गैंगस्टर को ललकारते हुए कहा कि यह भीखमंगे रोजाना भीख मांगते हैं, अरे कटोरा ले लो हाथ में, फोन करके धमकाते क्या हो? अरे क्षत्रिय तो हम हैं, मरना जानते हैं, तुम जैसो से हम मरते भी नहीं हैं। जिस दिन मन में आए ना, मैं खुद कह रही हूं, मैं महिला हूं, लेकिन राजपूती खून है मेरे अंदर, मैं कहती हूं, जब भी तुम्हारे जी करे ना, एक बार मेरे को कहकर आ जाना, एक बार चेतावनी दे देना कि हम आ रहे हैं, तुम्हें जाने नहीं दूंगी। उन्होंने कहा कि और रही बात एनआईए की, मैं कहती हूं क्या पड़ा है एनआईए में? दो साल से एनआईए को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का केस दिया हुआ है, लेकिन आता क्या है, जो दो पकड़े थे ना, उनको बैठा रखा है, एनआईए के हाथ में कुछ भी नहीं है। मैं कहती हूं शासन-प्रशासन को अगर आपके बस में कुछ नहीं है ना तो हर किसी को हथियार का लाइसेंस दे दो, हम अपनी सुरक्षा स्वयं करेंगे, लेकिन लाइसेंस होना चाहिए हमारे पास। पीएसओ की भी जरूरत नहीं है।
शिक्षा और व्यापार पर असर
सभा में वक्ताओं ने कहा कि कुचामन सिटी की सौहार्दपूर्ण शहर के रूप पहचान थी। पिछले डेढ़ वर्ष से रंगदारी और धमकियों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे व्यापार, शिक्षा और निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ा है। यदि राजनेता तक सुरक्षित नहीं है तो आमजन की सुरक्षा कैसी होगी, अनुमान लगाया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने गैंगस्टर राज के खिलाफ कार्रवाई करने तथा धमकी देने वाले बदमाशों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की। शाम को सर्वसमाज की ओर से पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर व जिला कलक्टर डॉ. महेन्द्र खडग़ावत को ज्ञापन कर धमकी देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया।