भीलवाड़ा। जिला एवं सत्र न्यायालय के नए भवन के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह उपनगर सांगानेर के तस्वारिया के निकट संपन्न हुआ। इसके साथ न्यायिक क्षेत्र के स्वर्णिम युग की शुरूआत भी हुई। राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व उप मुख्य मंत्री दिया कुमारी के साथ ही राजस्थान उच्च […]
भीलवाड़ा। जिला एवं सत्र न्यायालय के नए भवन के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह उपनगर सांगानेर के तस्वारिया के निकट संपन्न हुआ। इसके साथ न्यायिक क्षेत्र के स्वर्णिम युग की शुरूआत भी हुई। राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व उप मुख्य मंत्री दिया कुमारी के साथ ही राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी, फरजंद अली व प्रवीर भटनागर एवं जिला सत्र न्यायाधीश अभय जैन की गरिमायी मौजूदगी के दौरान हुए कार्यक्रम में जिला अभिभाषक संस्था के नव निर्वाचित अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़ ने नए भवन के लिए जरूरतों के साथ ही अधिवक्ताओं के हितों को भी उठाया।
राठौड़ ने नए कोर्ट भवन के लिए आवंटित 62 बीघा भूमि में से 10 बीघा भूमि अधिवक्तागण के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव रखा। यह जमीन अधिवक्ता चेंबर, सभा भवन और लाइब्रेरी के लिए उपयोग के लिए जरूरी बताया। इसी प्रकार जो भी न्यायालय की श्रेणी में आते हो चाहे वो कोई भी प्राधिकरण हो, कन्जूयमर फोरम, डब्ल्यूसीसी, सभी राजस्व न्यायालय जैसे एसडीएम कोर्ट आरएए या अन्य कोई भी कोर्ट हो, सभी इसी न्यायालय परिसर में ही संचालित हो। अध्यक्ष राठौड़ ने नए भवन में अलग से महिला बार रूम बनाए जाने, डाकघर खोलने, डिस्पेन्सरी संचालित करने तथा बैंक, एटीएम व पुलिस चौकी स्थापित करने के भी प्रस्ताव रखे। इसी प्रकार न्यायालय परिसर में एक सुलभ कॉम्पलेक्स तथा पक्षकारों और अधिवक्ताओं के लिए एक रिटायरिंग रूम की मांग भी उठाई।
आरजीएचएस की सुविधा मिले
राठौड़ ने राज्य सरकार से अधिवक्ताओं के लिए आरजीएचएस जैसी मेडिकल हेल्थ सुविधा प्रदान की जाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि अधिवक्ता समुदाय दूर-दराज क्षेत्रों से जिला न्यायालय परिसर में आकर प्रेक्टिस करते है और उनके समुचित आवास की उपलब्धता नही हो पाती है, इसके लिए अधिवक्ता समुदाय के लिए एक कॉलोनी नगर निगम की और से पूर्व में आवंटित 18 बीघा जमीन दिए जाने और सरकारी आवास योजना में भूखंडों का आरक्षण देने की मांग की। इसी प्रकार एडवोकेट प्रोटक्शन एक्ट लागू करने व अधिवक्ताओं के लिए राज्य स्तरीय टोल पर छूट प्रदान की जावे।