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भारत बनाने लगा अपने हथियार, आयात घटा

Mar 13, 2025
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आर्म्स ट्रेड: यूक्रेन बना सबसे बड़ा आयातक

नई दिल्ली. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हथियार आयात में 2015-19 और 2020-24 के बीच 9.3% की गिरावट दर्ज की गई जो कि आत्मनिर्भर भारत अभियान और स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमताओं में वृद्धि का संकेत है। हालांकि, भारत अभी भी रूस, फ्रांस और इजरायल से हथियार खरीदने वाला सबसे बड़ा ग्राहक बना हुआ है। रूस से भारत का हथियार आयात 36% पर आ गया है, जो 2010-14 में 72% और 2015-19 में 55% था।

फ्रांस अब भारत के कुल आयात का 33% आपूर्ति करता है, जबकि इजरायल तीसरे स्थान पर है। भारत जल्द ही 26 रफाल-मरीन लड़ाकू विमान और तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के लिए फ्रांस के साथ 10.6 अरब यूरो (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) का सौदा करने जा रहा है। चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ते सीमा विवादों के कारण भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। पर विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अत्याधुनिक रक्षा अनुसंधान और घरेलू रक्षा उत्पादन पर अधिक ध्यान देना होगा, ताकि उसकी सैन्य ताकत आत्मनिर्भर और अत्याधुनिक बन सके।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2020-24 की अवधि में यूक्रेन भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया है। रूस के साथ जारी युद्ध के चलते यूक्रेन का आयात 2015-19 की तुलना में 100 गुना बढ़ा, जिससे उसका वैश्विक आयात में हिस्सा 8.8% हो गया। भारत इस दौरान 8.3% हथियार आयात के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

43% हिस्सेदारी के साथ अमरीका शीर्ष निर्यातक

शीर्ष आर्म्स आयातक (वैश्विक हिस्सेदारी)

यूक्रेन 8.8%

भारत 8.3%

कतर 6.8%

सऊदी अरब 6.8%

पाकिस्तान 4.6%

शीर्ष आर्म्स निर्यातक (वैश्विक हिस्सेदारी)

अमरीका 43%

फ्रांस 9.6%

रूस 7.8%

चीन 5.9%

जर्मनी 5.6%

Updated on:
13 Mar 2025 12:41 am
Published on:
13 Mar 2025 12:41 am