
निर्दलीय प्रत्याशियों को मिला 'सेब' चुनाव चिन्ह (पत्रिका फोटो)
Sirohi Municipal Elections: स्थानीय निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच सिरोही जिले का फल बाजार अचानक एक खास वजह से सुर्खियों में आ गया है। चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी होते ही बाजार में 'सेब' की मांग और उसके दामों में तेजी दर्ज की गई है। सिरोही जिले में कुल पांच निर्दलीय प्रत्याशियों को इस बार चुनाव चिह्न के रूप में 'सेब' मिला है। चुनाव चिह्न आवंटन के तुरंत बाद से ही आम जनता और समर्थकों के बीच यह फल कौतुहल और चर्चा का विषय बन गया है।
चुनाव चिह्न मिलने का असर सीधे तौर पर फलों की दुकानों पर देखने को मिल रहा है। स्थानीय फल विक्रेताओं के अनुसार, पिछले दो दिनों के भीतर सेब की कीमतों में हल्की तेजी आई है। जो सेब पहले 150 से 200 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, उसकी कीमत बढ़कर अब 200 से 250 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं, 180 रुपए प्रति किलो वाला सेब अब बाजार में 200 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है।
फल विक्रेता दीपक माली का कहना है कि हालांकि अभी तक कोई प्रत्याशी खुद थोक में सेब खरीदने दुकान पर नहीं आया है, लेकिन सामान्य ग्राहकों और समर्थकों के बीच इसकी मांग और दैनिक बिक्री में उछाल साफ महसूस किया जा रहा है।
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि सेब के दामों में बढ़ोतरी के पीछे केवल चुनाव ही अकेला कारण नहीं है। बाजार में फल की आवक, किस्म, गुणवत्ता और परिवहन लागत जैसे कई अन्य व्यापारिक पहलू भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसलिए सीधे तौर पर इसे पूरी तरह चुनावी असर कहना जल्दबाजी होगी।
इसके बावजूद, निर्दलीय प्रत्याशियों को 'सेब' निशान मिलने के बाद से लोगों में इसे लेकर दिलचस्पी जरूर बढ़ गई है। आने वाले दिनों में यदि चुनावी रैलियों, जनसंपर्क और प्रचार-प्रसार के दौरान प्रत्याशी या उनके समर्थक प्रतीक के तौर पर सेब का इस्तेमाल करते हैं, तो बाजार में इसकी मांग और भाव दोनों में और ज्यादा इजाफा हो सकता है। फिलहाल, चुनाव चिह्न का आवंटन और सेब के दामों में आया यह उछाल जिले भर में एक रोचक चुनावी संयोग बना हुआ है।
Updated on:
07 Sept 2026 04:07 pm
Published on:
07 Sept 2026 04:07 pm
