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पहचान में गलती से दूसरे को लगी गोली, पिस्टल-कारतूस देकर दिया था टारगेट; माउंट आबू गोलीकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Mount Abu Firing: माउंट आबू की नक्की झील स्थित गांधी वाटिका में 19 अगस्त को हुई फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 10 हजार रुपए के इनामी मुख्य साजिशकर्ता राहुल को यूपी के गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है।
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mount abu firing mastermind arrested

पुलिस गिरफ्त में इनामी अपराधी राहुल (पत्रिका फोटो)

Mount Abu Firing Mastermind Arrested: माउंट आबू (सिरोही): पर्यटन स्थल माउंट आबू की नक्की झील स्थित गांधी वाटिका में 19 अगस्त को हुई फायरिंग की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य सूत्रधार और 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी राहुल (30) निवासी माउंट आबू को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से पकड़ा। आरोपी ने फायरिंग के लिए तक्ष को देशी पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराकर एक व्यक्ति को निशाना बनाने का टारगेट दिया था।

हालांकि, पहचान में हुई गलती के कारण गोली दूसरे व्यक्ति मनोज राणा को लग गई। थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ के अनुसार, फायरिंग के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी तक्ष को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया था। उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किया गया।

घटना में सहयोग करने वाले लोकेश को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि पूरी वारदात की साजिश राहुल ने रची थी। राहुल कुछ महीने पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था और इसके बाद से अपनी पहचान छिपाकर फरार चल रहा था।

पहले रंगदारी के मामले में गया था जेल

पुलिस के अनुसार, राहुल ने मार्च में नक्की लेक बोट हाउस पर काम करने वाले एक व्यक्ति से रंगदारी मांगी थी, जिस पर उसने थाने में शिकायत कर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की। आरोप की पुष्टि होने पर राहुल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट भी पेश की थी।

रंजिश में रची साजिश, पहचान में हुई गलती

जमानत पर बाहर आने के बाद राहुल ने बोट हाउस पर काम करने वाले उक्त व्यक्ति से रंजिश के चलते उसे निशाना बनाने की साजिश रची। उसने तक्ष को देशी पिस्टल और कारतूस देकर फायरिंग करने का टारगेट दिया। तक्ष उस व्यक्ति को पहचानता नहीं था, इसलिए राहुल ने साजिश में लोकेश को भी शामिल किया। लोकेश का काम तक्ष को टारगेट की पहचान करवाना था।

19 अगस्त को पूर्व नियोजित साजिश के तहत लोकेश ने गांधी वाटिका में एक व्यक्ति की ओर इशारा कर तक्ष से कहा कि यही वह व्यक्ति है। तक्ष ने राहुल की ओर से उपलब्ध कराई गई देशी पिस्टल से फायर कर दिया। गोली दूसरे व्यक्ति को लग गई। पुलिस जांच में सामने आया कि लोकेश ने पहचान में गलती करते हुए मनोज राणा को ही टारगेट समझ लिया था।

गाजियाबाद तक पहुंची पुलिस की टीम

मामले में राहुल की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देशन में अलग-अलग टीमें गठित कर उसकी तलाश शुरू की गई। घटना के बाद राहुल अलग-अलग स्थानों पर छिपता हुआ गाजियाबाद पहुंच गया। पुलिस के अनुसार वहां से वह सोशल मीडिया के माध्यम से माउंट आबू के दो लोगों को धमकियां भी दे रहा था।

पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया और गाजियाबाद से उसे गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी राठौड़ ने बताया कि राहुल को एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर पूरे मामले का पटाक्षेप किया गया। उसकी गिरफ्तारी पर जिला पुलिस अधीक्षक, सिरोही की ओर से 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी से गहनता से पूछताछ एवं अनुसंधान जारी है।

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