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लेबनान के शरणार्थी शिविर पर इजराइली बमबारी: 13 मरे, बच्चों के शवों से दहल उठी दुनिया, हिजबुल्लाह बोला – अब खून का बदला खून !

Israeli Lebanon refugee camp attack: इजराइल के हवाई हमले में लेबनान के एक रिफ्यूजी कैम्प में 13 लोग मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
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Updated: 19 Nov 2025, 4:27 PM IST
Israeli Lebanon refugee camp attack
इज़राइल का लेबनान के शरणार्थी शिविर पर हमला। (फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)

Israeli Lebanon refugee camp attack: लेबनान के दक्षिणी इलाके में बुधवार को दिल दहला देने वाला हमला हुआ। इजराइली वायुसेना ने रशीदिया फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैम्प (Israeli Lebanon refugee camp attack) पर भयानक हवाई हमला किया। एक ही बम ने दो मंजिला इमारत को मलबे में बदल दिया। मलबे के नीचे से 13 लाशें निकलीं – इनमें 6 बच्चे, 4 महिलाएं और 3 पुरुष थे। लेबनान (Lebanon airstrike casualties) की नेशनल न्यूज़ एजेंसी और रेड क्रॉस ने यह आंकड़ा कन्फर्म किया। घायलों की संख्या 30 से ज्यादा बताई जा रही है। रशीदिया कैम्प टायर शहर के पास है, जो इजराइल की सीमा से सिर्फ 30 किलोमीटर दूर है। इजराइल का दावा है कि यहाँ हिजबुल्लाह के लड़ाके छिपे हुए थे और उन्होंने इजराइल (Hezbollah Israel border clashes) की तरफ रॉकेट दागे थे। लेकिन स्थानीय लोग और फिलिस्तीनी गुट बता रहे हैं कि मारी गई ज्यादातर फैमिली सिविलियन थीं। एक ही परिवार के 9 लोग एक साथ मारे गए। हमले के बाद पूरा कैम्प मातम में डूब गया। बच्चियों की टूटी गुड़िया और खून से सने स्कूल बैग सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

हिजबुल्लाह का गुस्सा फूटा: “हर बूंद खून का हिसाब लेंगे”

हमले के कुछ घंटे बाद हिजबुल्लाह ने बयान जारी किया – “इजराइल ने जो किया, उसका जवाब जल्द ही मिलेगा। हमारे रॉकेट तैयार हैं।” पिछले 24 घंटों में हिजबुल्लाह ने इजराइल की तरफ 50 से ज्यादा रॉकेट दागे गए। इजराइल ने भी जवाब में लेबनान के कई गांवों पर गोले बरसाए। सीमा पर दोनों तरफ से गोलियों और रॉकेट की आवाजें रुकने का नाम नहीं ले रहीं।
UN और दुनिया की चीख: “ये जंग बंद करो!”

हम सिर्फ आतंकियों को टारगेट करते हैं

संयुक्त राष्ट्र के ह्यूमन राइट्स चीफ वोल्कर तुर्क ने कहा – “रिफ्यूजी कैम्प पर हमला इंटरनेशनल लॉ का उल्लंघन है। तुरंत सीजफायर होना चाहिए।” जॉर्डन, मिस्र और कतर ने इजराइल की कड़ी निंदा की। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे “संभावित वॉर क्राइम” बताया। इजराइल ने कहा – “हम सिर्फ आतंकियों को टारगेट करते हैं, सिविलियन की मौत दुखद है, लेकिन हिजबुल्लाह इन्हें ह्यूमन शील्ड बनाता है।”

पिछले 24 घंटे में क्या-क्या हुआ ?

सुबह 6 बजे: रशीदिया कैंप पर बमबारी।
8 बजे: हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर 30 रॉकेट दागे।
दोपहर 12 बजे: इजरायल ने लेबनान के 7 गांवों पर जवाबी हमला।
शाम 5 बजे: लेबनान के पीएम नजिब मिकाती ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई।
रात 8 बजे: हिजबुल्लाह ने फिर 20 रॉकेट छोड़े।

लोगों का दर्द सोशल मीडिया पर छलका

X पर #RashidiehMassacre और #LebanonUnderAttack ट्रेंड कर रहे हैं।

“एक ही परिवार के 9 लोग… बच्चे, माँ-बाप… ये जंग नहीं, नरसंहार है”

“इजराइल कहता है हिजबुल्लाह छिपा था, लेकिन मरने वाले तो मासूम बच्चे हैं।”

“कितने और कैम्प बम से उड़ाओगे? कितने और मासूम मरेंगे?”

दुनिया दो हिस्सों में बंट गई

अरब देश और फिलिस्तीन समर्थक: “ये जंग अपराध है, इजराइल को सजा मिलनी चाहिए।”

इजराइल समर्थक: “हिजबुल्लाह पहले रॉकेट मारता है, फिर रोना शुरू करता है।”

आम लोग: “बस बहुत हुआ… बच्चों को मारना बंद करो।”

फॉलोअप सवाल जो हर कोई पूछ रहा है।

क्या ये हमला गाजा युद्ध को लेबनान तक फैलाएगा?

हिजबुल्लाह का अगला जवाब कितना खतरनाक होगा?

क्या UN अब कोई सख्त कदम उठाएगा या सिर्फ बयानबाजी होगी?

भारत के लिए क्या है मतलब ?

लेबनान में 1000 से ज्यादा भारतीय रहते हैं, ज्यादातर लोग केरल और तमिलनाडु के निवासी हैं। विदेश मंत्रालय अलर्ट पर है। ऑपरेशन कावेरी-2 की तैयारी शुरू हो गई है। लेबनान में तेल रिफाइनरी और पोर्ट पर काम करने वाले भारतीय मजदूर डरे हुए हैं।

आखिरी सवाल, जो हर कोई पूछ रहा है

मासूम बच्चों के शवों की तस्वीरें कब तक देखते रहेंगे ?

“ह्यूमन शील्ड” और “टारगेटेड स्ट्राइक” का बहाना कब तक चलेगा ?

ये खून की होली कब तक बंद होगी ?