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जय जगन्नाथ! 251 वैष्णवों ने चम्पारण में रचाया ‘चवरी विवाह’ मनोरथ

Apr 03, 2026
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उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन के वल्लभ वैष्णव मंडल द्वारा आयोजित 8 दिवसीय चम्पारण-जगन्नाथ दर्शन यात्रा का शुक्रवार सुबह सफलतापूर्वक समापन हुआ। मंडल के संस्थापक संयोजक विट्ठल नागर के नेतृत्व में 251 श्रद्धालुओं का यह बड़ा जत्था सुबह 9 बजे भक्तिभाव के साथ उज्जैन लौटा। 28 मार्च को रवाना हुई इस यात्रा ने चम्पारण से लेकर पुरी तक के तीर्थों को अपनी भक्ति से सराबोर कर दिया।

चम्पारण में हुए विशेष धार्मिक आयोजन

मीडिया प्रभारी दीपक राजवानी के अनुसार, यात्रा का मुख्य पड़ाव चम्पारण स्थित सुदामाकुटी रहा। यहाँ वैष्णवों ने श्री महाप्रभुजी की प्राकट्य स्थली के दर्शन किए। इस प्रवास के दौरान कई भव्य आयोजन हुए:

  • चवरी विवाह मनोरथ: चम्पारण में विशेष चवरी विवाह का आयोजन किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा।
  • नंद महोत्सव और शोभायात्रा: झारी चरण-स्पर्श के साथ-साथ नंद महोत्सव की खुशियां मनाई गईं और शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
  • गौ सेवा एवं राजभोग: श्रद्धालुओं ने बैठकजी के दर्शन कर गौ सेवा की और राजभोग समर्पित किया।

जगन्नाथ पुरी और कोणार्क की अनुभूति

चम्पारण के बाद श्रद्धालु रेल व बस मार्ग से भगवान जगन्नाथ की पावन नगरी पुरी पहुंचे। यहाँ समुद्र तट पर संध्या वंदन के साथ श्रद्धालुओं ने:

  1. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के दर्शन किए।
  2. भुवनेश्वर, कोणार्क सूर्य मंदिर और साक्षी गोपाल जैसे ऐतिहासिक तीर्थों का भ्रमण किया।
  3. महाप्रभु के बैठकजी के दर्शन कर झारी चरण स्पर्श का लाभ लिया।

इन्होंने संभाली कमान

यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने में अध्यक्ष आनंद पुरोहित, अमित नागर, नुपुर नीमा, कोषाध्यक्ष मनीष नागर, नीतिन नीमा, कामिनी शाह और सचिव जयेश श्रॉफ, अमर दिसावल व मनीषा नागर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समन्वय का जिम्मा राजेन्द्र शाह, विशाल नीमा व हेतल शाह ने संभाली, जबकि यात्रा के सफल संचालन में संयोजक श्याम माहेश्वरी, रमेश चतुर्वेदी और दीपक राजवानी का विशेष योगदान रहा।

Updated on:
03 Apr 2026 08:05 pm
Published on:
03 Apr 2026 08:05 pm