
करूर. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को करूर दौरे के दौरान 2025 की भगदड़ में मृत 41 लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पुलिस पर समय रहते सूचना न देने का आरोप लगाया और राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिशों पर असंतोष जताया। विजय ने कहा, “हमने अपनी बहनों के बच्चों को खो दिया है,” और इस त्रासदी ने उन्हें बेहद दुखी किया है। उल्लेखनीय है कि करूर भगदड़ के बाद विजय पहली बार यहां आए। रोड शो करने के बाद लोगों को संबोधित किया। इस दौरान लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या रैली के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा दी गई थी? उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने समय रहते उनकी पार्टी को स्थिति की जानकारी दी होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। विजय ने कहा, “पुलिस हमें बता सकती थी कि भीड़ बढ़ रही है और काबू से बाहर है। पुलिस को बैठक रद्द करने का अधिकार है, लेकिन बिना ऐसा किए, पुलिस ने हमें हाईवे पर एस्कॉर्ट किया।”
विजय का सवाल किसके निर्देश पर हुआ?
विजय ने बताया कि वे पूरी तरह पुलिस पर भरोसा करते थे और बैठक में उनका धन्यवाद भी किया था। “मुझे इस नाटक के बारे में जानकारी नहीं थी। इसका जिम्मेदार कौन है? किसके निर्देश पर यह सब हुआ?” विजय ने सवाल किया।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी पार्टी टीवीके करूर भगदड़ के मृतकों की स्मृति में एक स्मारक बनाएगी।
द्रविड़ दलों पर निशाना
विजय ने डीएमके और एआइएडीएमके पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने डीएमके को “दुष्ट शक्ति” और एआइएडीएमके को “खत्म हो चुकी शक्ति” बताया। साथ ही, डीएमके पर भ्रष्ट शासन चलाने और “पार्टी फंड” के नाम पर धन संग्रह का आरोप लगाया। विजय ने बिना नाम लिए वरिष्ठ डीएमके नेताओं वी सेंथिलबालाजी और ईवी वेलु पर भी निशाना साधा।मुख्यमंत्री विजय ने दावा किया कि उनकी सरकार प्रशासन में सफाई लाई है। उन्होंने कहा, “सरकारी दफ्तरों में अब कोई भ्रष्टाचार नहीं है और एक पैसा भी रिश्वत के तौर पर नहीं लिया जा रहा।” विजय ने जनता से भी आग्रह किया कि वे रिश्वत न दें और दावा किया कि उनकी पार्टी ने नकद वोट की संस्कृति को जड़ से खत्म कर दिया है।
नवजात को सोने की अंगूठी योजना
उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार की प्रस्तावित नवजातों के लिए सोने की अंगूठी योजना द्रविड़ नेता सीएन अन्नादुरै की जयंती पर शुरू की जाएगी। सीएम विजय ने अंतर-राज्यीय जल विवादों को लेकर डीएमके की आलोचना की और मेकेदाटु बांध परियोजना पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज होने की बात उठाई। साथ ही, उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास का भी विरोध दोहराया और कहा कि तमिलनाडु राज्य हितों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कवायद को स्वीकार नहीं करेगा।स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर विजय ने मतदाताओं से डीएमके को “माकूल जवाब” देने की अपील की और एक बार फिर डीएमके व एआइएडीएमके को मिलीभगत का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा उनकी सरकार पर हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा, “जनता हमारे साथ है।” कार्यक्रम में पहुंचने के लिए विजय चेन्नई से विमान द्वारा तिरुचि एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से उनका काफिला करूर के लिए रवाना हुआ।