
चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह आदेश इन सीटों से जीतने वाले विधायकों के खिलाफ दायर चुनाव याचिकाओं के निपटारे तक के लिए दिया है। साथ ही चुनाव आयोग, केंद्र सरकार, विधानसभा सचिव एवं मुख्यमंत्री विजय को नोटिस जारी कर 31 जुलाई तक जवाब मांगा है।कोर्ट की यह अंतरिम रोक तिरुचि ईस्ट, करूर, अम्बासमुद्रम, विरालीमलै और पेरुंदुरै विधानसभा सीटों पर लागू रहेगी। इन सीटों के अलावा मदुरांतकम और धारापुरम समेत कुल सात सीटें रिक्त हुई थीं। विधानसभा सचिवालय ने सभी सात सीटों को रिक्त घोषित कर चुनाव आयोग को सूचित किया था, जिससे उपचुनाव का रास्ता साफ हुआ था।
तिरुचि ईस्ट सीट विजय के इस्तीफे से खाली हुई, जिन्होंने दो सीटों से जीतकर चेन्नई की पेरम्बूर सीट चुनी। अम्बासमुद्रम सीट से विधायक एस. इसक्की सुब्बैया, पेरुंदुरै से एस. जयकुमार, करूर से एम.आर. विजयभास्कर और विरालीमलै से डॉ. सी. विजयभास्कर के इस्तीफे के चलते ये सीटें खाली हुईं। मदुरांतकम और धारापुरम की सीटें क्रमशः एम. मर्गदम कुमरवेल और पी. सत्यभामा के इस्तीफे से खाली हुईं।
इन छह पूर्व एआइएडीएमके विधायकों ने विधानसभा में टीवीके सरकार के विश्वास मत के पक्ष में वोट देकर पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था। इसके बाद सभी टीवीके में शामिल हो गए। एआइएडीएमके ने स्पीकर जेसीडी प्रभाकर से चार विधायकों के इस्तीफे स्वीकार न करने का अनुरोध किया, क्योंकि उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही लंबित थी।दूसरी ओर, 25 बागी विधायकों में से 21 की माफी स्वीकार कर पार्टी ने कार्रवाई समाप्त कर दी, जबकि चार के खिलाफ अयोग्यता की प्रक्रिया जारी रही। कोर्ट के आदेश के बाद अब पांच सीटों पर उपचुनाव फिलहाल नहीं होंगे।