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मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में मीटू, दिग्गज अभिनेताओं पर लगा यौन शोषण का आरोप

इंडस्ट्री के कई सितारों के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों की झड़ी लग गई। अब तक 17 अभिनेता और फिल्म मेकर्स के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के मामले सामने आए हैं।

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तिरुवनंतपुरम. पिछले दिनों आई जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट के बाद मलयालम सिनेमा (मॉलीवुड) का काला सच उजागर हो रहा है। इंडस्ट्री के कई सितारों के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों की झड़ी लग गई। अब तक 17 अभिनेता और फिल्म मेकर्स के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के मामले सामने आए हैं। इनमें इंडस्ट्री के दिग्गज सिद्दीकी, रंजीत बालकृष्ण, एम. मुकेश और जयसूर्या जैसे अभिनेता और मेकर्स के नाम हैं। मुकेश सत्तारूढ़ माकपा के विधायक भी हैं। एक के बाद एक यौन उत्पीडऩ के इन मामलों से इंडस्ट्री पर मानों आपातकाल लग गया। सोशल मीडिया पर इसे मलयालम इंडस्ट्री का ‘मीटू’ आंदोलन बताया जा रहा है। मामले में कइयों ने अभी चुप्पी साध रखी है, जबकि अभिनेता जयराम, पृथ्वीराज, सुकुमारन, जगदीश, टोविनो थॉमस और अभिनेत्री उर्वशी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। माकपा नेता वृंदा करात ने भी अपनी ही पार्टी के विधायक मुकेश को बचाने पर केरल सरकार से नाराजगी जताई है। हेमा कमेटी की रिपोर्ट में मॉलीवुड के भीतर कास्टिंग काउच और रसूख के इस्तेमाल के कई किस्से हैं।

तीन विधायक भी लपेटे में
एक बंगाली अभिनेत्री ने फिल्म निर्माता और केरल चलचित्र अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रंजीत पर 2009 में यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया। उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उधर एक मलयालम अभिनेत्री की ओर से ऐसे ही आरोपों के बाद अभिनेता सिद्धीकी ने एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट््स (अम्मा) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। इसी तरह एक अन्य अभिनेत्री ने माकपा विधायक और अभिनेता एम. मुकेश, अभिनेता और निर्माता मनियानपिल्ला राजू, अभिनेता और अम्मा के पूर्व महासचिव एडावेला बाबू तथा अभिनेता जयसूर्या सहित एक प्रोडक्शन कंट्रोलर के खिलाफ शारीरिक और मौखिक दुव्र्यवहार का आरोप लगाया। केरल से कांग्रेस विधायक एम. विंसेंट व एल्डहोस पर भी मामले दर्ज हुए हैं।
‘अम्मा’ भंग, सभी पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा

रिपोर्ट आने के बाद फिल्म उद्योग
में तूफान आ गया। अब तक 17 महिलाओं ने औपचारिक रूप से अपने खिलाफ हुए गलत बर्ताव की शिकायत दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के बाद ‘अम्मा’ के अध्यक्ष मोहनलाल की अगुवाई में पदाधिकारियोंने इस्तीफा दे दिया और संस्था को भंग कर दिया।

राज्य सरकार भी घिरी, एसआइटी गठित
चौतरफा विरोध के बाद राज्य सरकार ने रिपोर्ट में की गई शिकायतों की जांच करने और कार्रवाई करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया था। रिपोर्ट के कुछ पेज रोकने पर सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि सरकार कुछ आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। हालांकि मुख्यमंत्री विजयन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

इंडस्ट्री में क्या हो रहा है?… जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट के बाद मलायलम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी और मोहनलाल की चुप्पी से रहस्य गहरा रहा है। कुछ को छोड़ युवा अभिनेता भी मामले में चुप हैं, जबकि कुछ ने उद्योग के पुनर्गठन की मांग की है। अभिनेत्री और वीमेन इन सिनेमा कलेक्टिव की संस्थापक सदस्य पार्वती ने ‘अम्मा’ के सदस्यों के सामूहिक इस्तीफे की निंदा की है।

Published on:
31 Aug 2024 12:56 am
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