राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल और यूनिसेफ गुजरात के सहयोग से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से संबंधित इन्फ्लुएंसर्स फोरम का आयोजन
विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत आयोजित एक कार्यक्रम में विशेषज्ञों का कहना है कि जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को मां का दूध पिलाना उसके लिए अमृत के समान है। जन्म से छह माह तक बच्चे के लिए मां का दूध अहम खुराक है।
राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल और यूनिसेफ गुजरात के सहयोग से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से संबंधित इन्फ्लुएंसर्स फोरम का आयोजन किया गया। इस मंच के दौरान मौजूद रहे सोशल मीडिया से जुड़े लोगों से बातचीत करते हुए यूनिसेफ (गुजरात) की पोषण विशेषज्ञ डॉ. कविता शर्मा ने कहा कि भारत समेत दुनिया के कई देशों में स्तनपान न कराने से आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके चलते बाल मृत्यु दर, कुपोषण और अन्य बीमारियां सामने आती हैं। एक से सात अगस्त तक मनाए जाने वाले विश्व स्तन पान सप्ताह में स्तनपान के महत्व को लोग समझें तो इस तरह की परेशानियों से निजात मिल सकती है। सोशल मीडिया इसमें अहम भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में यूनिसेफ की पोषण अधिकारी सौम्या दवे के अनुसार बच्चे के विकास के लिए मां का दूध बहुत जरूरी है।