Salary Hike- मप्र हाईकोर्ट जबलपुर ने कहा: मुख्य सचिव 4 मई को हाजिर हों
Salary Hike- एमपी में उच्च वेतनमान आदेश पर अमल नहीं करने पर जबलपुर हाईकोर्ट भड़क उठा। मप्र उच्च न्यायालय के कर्मचारियों के इस मामले में कोर्ट ने सरकार को जमकर फटकारा। हाईकोर्ट कर्मचारियों को उच्च वेतनमान देने के मामले में पूर्व आदेश का पालन नहीं करने पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए मुख्य सचिव को तलब किया गया है। हाईकोर्ट ने केस की अगली सुनवाई की तारीख 4 मई को तय करते हुए प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को इसमें हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।
हाई पे स्केल के लिए दायर की गई थी याचिका
हाईकोर्ट के कर्मचारी किशन पिल्लई व अन्य ने याचिका दायर की थी। वर्ष 2016 में दायर इस याचिका में उच्च वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने को चुनौती दी गई थी। कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट की अनुशंसा के आधार पर अन्य राज्यों में हाईकोर्ट के कर्मचारियों को हाई पे स्केल दिया जा रहा है। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल 2017 को अपना आदेश जारी किया। इसमें राज्य सरकार को हाईकोर्ट के कर्मचारियों के उच्च वेतनमान के मुद्दे का चार सप्ताह में निराकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि सरकार के समक्ष यह मामला वर्षों से विचाराधीन है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश का भी राज्य सरकार द्वारा पालन नहीं किया गया जिसके बाद 2018 में अवमानना याचिका दायर की गई। गुरुवार को इस याचिका पर एक बार फिर सुनवाई हुई जिसपर कोर्ट ने सख्ती दिखाई।
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अपने आदेश में कहा कि हाई पे स्केल के संबंध में अप्रैल 2017 में स्पष्ट आदेश जारी किया गया था। हाईकोर्ट ने साफ कहा था कि कोर्ट के कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों से अलग वेतनमान दिया जाए। इस आदेश पर मध्यप्रदेश सरकार ने आज तक अमल नहीं किया। इतना ही नहीं, आदेश के परिपालन के लिए राज्य के महाधिवक्ता और मुख्य सचिव ने कई बार अतिरिक्त समय मांगा पर कोर्ट का आदेश पूरा नहीं किया।
अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि उच्च वेतनमान का प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया गया था लेकिन इसे अस्वीकार कर दिए जाने के संबंध में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट सरकार ने वापस ले ली थी। राज्य सरकार ने कहा कि प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा गया है। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए राज्य के मुख्य सचिव को पक्ष प्रस्तुत करने का मौका देने की बात कही। इसके लिए कोर्ट ने मुख्य सचिव को तलब किया है।याचिका पर अगली सुनवाई 4 मई को होगी।
हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने कहा कि अवमानना के आरोप तय करने के पहले वे मुख्य सचिव को सुनना चाहेंगे। कोर्ट ने प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को 4 मई को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यह अवमानना याचिका 2018 से लंबित है और आज तक सरकार ने अप्रेल 2017 में दिए आदेश का पालन नहीं किया है।