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मोतीझील पहाड़ी से 33 करोड़ की मुरम चोरी, जुर्माना लगा लेकिन वसूली अब तक शून्य

मशीन मालिकों और चालकों पर केस, असली मुरम माफिया बेनकाब नहीं ग्वालियर. मोतीझील पहाड़ी के चार सर्वे नंबरों से करीब 33 करोड़ रुपए की मुरम चोरी का मामला सामने आया है। खनिज विभाग ने चोरी पर भारी जुर्माना तो लगाया, लेकिन अब तक उसकी वसूली नहीं हो सकी है। विभाग द्वारा बनाए गए केस मशीन […]

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मोतीझील पहाड़ी के चार सर्वे नंबरों से करीब 33 करोड़ रुपए की मुरम चोरी का मामला सामने आया है।

मशीन मालिकों और चालकों पर केस, असली मुरम माफिया बेनकाब नहीं

ग्वालियर. मोतीझील पहाड़ी के चार सर्वे नंबरों से करीब 33 करोड़ रुपए की मुरम चोरी का मामला सामने आया है। खनिज विभाग ने चोरी पर भारी जुर्माना तो लगाया, लेकिन अब तक उसकी वसूली नहीं हो सकी है। विभाग द्वारा बनाए गए केस मशीन मालिकों और चालकों तक सीमित रहने के कारण असल मुरम माफिया का नाम सामने नहीं आ पाया।

जानकारी के अनुसार, खनिज विभाग ने जिन मामलों में कार्रवाई की, उनमें ज्यादातर केस मशीन मालिकों और ड्राइवरों पर दर्ज किए गए। इसी कारण जुर्माने की राशि जमा नहीं हो सकी है और सभी केस न्यायालय में लंबित हैं। इस साल पकड़े गए नए खनन के मामले में भी यही स्थिति रही।

जब्त की गई मशीनें भी पुरानी बताई जा रही हैं। नियमों के अनुसार, जुर्माने की कुछ राशि जमा करने पर मशीन छोड़ने का प्रावधान है। एक मशीन पर करीब 8.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

इन सर्वे नंबरों पर हुआ अवैध खनन

सर्वे क्रमांक 1005, 1014, 1015/2 और 1016 पर वर्ष 2022 में बड़े पैमाने पर मुरम खनन किया गया।

इन क्षेत्रों से भारी मात्रा में मुरम चोरी हुई।

करीब 7 लोगों के नाम सामने आए, जिन पर जुर्माने की कार्रवाई की गई।

कुल 33 करोड़ रुपए का जुर्माना अधिरोपित, जो 2022 से अब तक लंबित है।

कॉलोनियों में बेची गई चोरी की मुरम

चोरी की गई मुरम आसपास विकसित हो रही कॉलोनियों में बेची गई।

मुरम से कच्ची सड़क बनाना सस्ता पड़ता है।

इसमें पत्थर मिले होने से गिट्टी की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे इसकी मांग अधिक रहती है।

नया खनन पकड़ा, लेकिन सबूत बारिश में मिटे

इस वर्ष पकड़ा गया नया खनन सर्वे क्रमांक 1005 पर किया जा रहा था।

नए गड्ढों के आधार पर जुर्माना लगाया गया।

बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर गया, जिससे खनन के निशान पुराने प्रतीत होने लगे।

पुरानी छावनी और महू-जमाहर में सबसे ज्यादा चोरी

पुरानी छावनी क्षेत्र में मुरम चोरी सबसे ज्यादा है।

बंद पड़ी खदानों से रात में मुरम निकाली जा रही है।

विभाग द्वारा छापामार कार्रवाई बंद कर दी गई है।

महू-जमाहर क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर चोरी हुई है।

यहां एक हादसा भी हो चुका है, जब रात में मुरम निकालते समय डंपर पलट गया।

वाहन मालिक और चालक पर केस बनाया गया है
“2022 में कार्रवाई की गई थी। करीब 33 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वसूली की प्रक्रिया चल रही है। 17 जनवरी को हुई कार्रवाई में पकड़े गए वाहन मालिक और चालक पर केस बनाया गया है।”
-रमाकांत तिवारी, सहायक खनिज अधिकारी

Published on:
01 Feb 2026 06:40 pm
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