10 करोड़ का तय किया था लक्ष्य, 6.20 करोड़ की हुई कुल राजस्व वसूली
शहडोल. वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर पालिका ने 10 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य तय किया था, जिसके विपरीत अब तक लगभग 6 करोड़ रुपए राजस्व वसूली की है। भवन अनुमति सहित अन्य करों के माध्यम से नगर पालिका ने प्रदेश में चौथा स्थान अर्जित किया है, इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद भी नगर पालिका की आय के जो मुख्य स्रोत हैं उनसे राजस्व वसूली के मामले में नगर पालिका अभी भी पिछड़ी हुई है। बड़े बकाएदारों के मामलों को नगर पालिका लोक अदालतों के माध्यम से भी निराकृत करा रही है। इसके बाद भी संपत्ति व जलकर वसूली में ज्यादा बढोत्तरी देखने नहीं मिल रही है। संपत्तिकर व जलकर की बात की जाए जो नगर पालिका अब तक लक्ष्य का 60 फीसदी राजस्व नहीं वसूल पाई है। शेष राजस्व वसूली के लिए पूरा राजस्व अमला जद्दोजहद कर रहा है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका को जलकर, संपत्तिकर व दुकान किराया से लगभग सवा पांच करोड़ राजस्व वसूली लक्ष्य मिला है। इसके विपरीत नगर पालिका वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 2 करोड़ 80 लाख राजस्व वसूली कर पाई है। इसके अलावा कुछ राजस्व नगर पालिका को अन्य माध्यमों से प्राप्त हुआ है। इसके बाद भी नगर पालिका लक्ष्य के करीब तक नहीं पहुंच पाया है। लगभग दो करोड़ की राजस्व वसूली अभी भी शेष रह गई है। इसके लिए नगर पालिका हर संभव प्रयास में जुटी हुई है।
लोक अदालतों से भी आया राजस्व
वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित लोक अदालतों में भी नगर पालिका ने प्रकरण प्रस्तुत कर राजस्व वसूली की है। जानकारी के अनुसार इस माह आयोजित लोक अदालत में नगर पालिका को लगभग 32 लाख रुपए की राजस्व वसूली हुई थी। इसके पूर्व आयोजित तीन लोक अदालतों में लगभग 45 लाख से अधिक की राजस्व नगर पालिका के खजाने में जमा हुआ है। इसके बाद भी नगर पालिका राजस्व वसूली के मामले में पिछड़ा हुआ है।
साढ़े तीन करोड़ लक्ष्य, आए एक करोड़
नगर से संपत्तिकर वसूली के लिए लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया था, इसके विपरीत नगर पालिका को अब तक लगभग 1 करोड़ 10 लाख संपत्तिकर प्राप्त हुआ। वहीं जलकर की बात की जाए तो एक करोड़ के लक्ष्य के विपरीत महज 35 लाख रुपए ही प्राप्त हुई। नगर पालिका की दुकानों का किराया लगभग 80 लाख रुपए बकाया है, इसमें से अब तक
60 लाख रुपए किराया जमा हो पाया है।
बिल्डिंग अनुमति व अन्य करों से चौथे नंबर पर
नगर पालिका को वित्तीय वर्ष 2024-25 में मिले राजस्व वसूली लक्ष्य के विपरीत लगभग 620 लाख रुपए राजस्व वसूली कर प्रदेश में ्रचौथा स्थान अर्जित किया है। पिछले वित्तीय वर्ष में नगर पालिका ने लगभग 307 लाख रुपए राजस्व वसूली की थी। इस वित्तीय वर्ष में नगर पालिका को सबसे ज्यादा राजस्व अन्य श्रोतों के माध्यम से प्राप्त हुई है। शुक्रवार को हुई राजस्व वसूली समीक्षा में जारी आंकड़ों की माने तो नगर पालिका को बिल्डिंग परमीशन से 76.82 लाख और अन्य स्रोतों से लगभग 347.56 लाख की राजस्व वसूली हुई है।
नोटिस जारी करने के बाद भी नहीं ले रहे रुचि
ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली को लेकर नगर पालिका के राजस्व विभाग का कहना है कि बड़े बकाएदारों को लगातार नोटिस जारी की जा रही है। इसके बाद भी लोग संपत्ति कर, जलकर व दुकान किराया जमा कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। नगर पालिका ने 25 से 31 मार्च तक अधिभार में छूट का प्रावधान भी किया है, इसके बाद भी लोग इसका लाभ लेने आगे नहीं आ रहे हैं। हाल में बड़े बकाएदारों की सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित की गई है। दुकान किराया जमा न करने की स्थिति में दुकानदारों पर कार्रवाई के लिए अंतिम नोटिस भेजा गया है।
इनका कहना है
शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में हम प्रदेश में चौथे स्थान पर हंै। संपत्ति व जलकर के साथ दुकान किराया के बड़े बकाएदारों को नोटिस जारी करने के साथ ही ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली के प्रयास कर रहे हैं। अब तक हमने सभी प्रकार के करों को मिलाकर लगभग 620 लाख रुपए की राजस्व वसूली की है।
अक्षत बुंदेला, सीएमओ नगर पालिका शहडोल