नवरात्रि का पर्व शक्ति, साधना और भक्ति का प्रतीक है। मां दुर्गा की आराधना से जीवन में शक्ति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करके श्रद्धालु अपने जीवन में सुख-शांति और मंगल की कामना करते हैं। पंचमी पर माता के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
नवरात्रि का पर्व शक्ति, साधना और भक्ति का प्रतीक है। मां दुर्गा की आराधना से जीवन में शक्ति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करके श्रद्धालु अपने जीवन में सुख-शांति और मंगल की कामना करते हैं। पंचमी पर माता के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ी। रविवार को चुनरी यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
सार्वजनिक काली कमेटी ने 95 वर्ष माता की स्थापना की है। समिति के अध्यक्ष अंकुश चौरसिया ने बताया कि रविवार चुनरी यात्रा का आयोजन होगा। इसके बाद सोमवार को महाआरती एवं 56 भोग का कार्यक्रम होगा। महाआरती के समय दीपों की रोशनी, घंटों की ध्वनि और भक्तों के स्वर मिलकर अलौकिक वातावरण निर्मित करते हैं। समापन मंगलवार 30 सितंबर को जवारे विसर्जन के साथ होगा। परंपरागत रूप से कटीला का कार्यक्रम होता है और जवारे ठंडे किए जाते हैं। यह अनुष्ठान भक्तों की आस्था का प्रतीक है और नवरात्रि पर्व की पूर्णता को दर्शाता है।
रवि शंकर वार्ड स्थिति प्राचीन मां मरई माता मंदिर परमा के दिन घटस्थापना हुई थी। व्यवस्थाएं देख रहे बाटु दुबे ने बताया कि शनिवार को पंचमी पर मां की आरती हुई। नवमी के दिन श्रद्धालु चकरा घाट में जवारे विसर्जन करने जाएंगे। मंदिर के मुख्य पुजारी ओंकार प्रसाद दुबे विधि-विधान से आरती करा रहे हैं। मंदिर सेवा समिति में गुड्डू , गौरव नामदेव, संदीप साहू, सुरेश ठाकुर, बिंदेश साहू, प्रभात घोषी, सुल्तान, रज्जू पहलवान व पुनीत दुबे आदि का सहयोग मिल रहा है।
बुंदेलखंड अंचल के सागर में स्थित प्रसिद्ध मां सरस्वती के मंदिर में नवरात्रि पर मां दुर्गा विराजीं है। दोनों देवी शक्ति के दर्शन करने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इतवारा बाजार में मां सरस्वती की एकल प्रतिमा का एकमात्र विख्यात मंदिर है। पंडित यशोवर्धन चौबे के मार्गदर्शन में मंदिर की सेवा होती है।
बसंत बिहार कॉलोनी में पंचमी पर देवी भजन और बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गईं। प्रतियोगिता में बच्चों ने माता का रूप रखा। नीतेश श्रीवास्तव व राहुल दुबे ने संचालन किया। सहयोगी विजय चौबे रहे।
मोतीनगर वार्ड में बीजासेन मंदिर में सार्वजनिक बाल काली कमेटी ने 36 वें वर्ष अष्टभुजा वाली मां की स्थापना की। पंचमी पर महाआरती की गई।
मकरोनिया वार्ड क्रमांक 16 में शारदा काली कमेटी ने माता की स्थापना की है। माता के दरबार में प्रतिदिन आरती -पूजन का कार्यक्रम किया जा रहा है।