NEET Exam Issue : NEET परीक्षा को लेकर देशभर में चल रहा विवाद थम नहीं रहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से NEET-UG 2024 परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज किया जा चुका है। इसके बावजूद कनार्टक के बाद अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में NEET परीक्षा को खत्म करने का प्रस्ताव पारित किया गया है।
NEET Exam Issue : कर्नाटक के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट- NEET Exam ) के खिलाफ प्रस्ताव पारित हो गया। इस प्रस्ताव में राज्य में नीट ( NEET Exam ) को खत्म करने और उसके स्थान पर एक नई मेडिकल प्रवेश परीक्षा शुरू करने की योजना का प्रावधान है। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय की ओर से मंगलवार को पेश प्रस्ताव पर बुधवार को सदन में चर्चा हुई। एक घंटा 45 मिनट चर्चा के बाद ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित हो गया। प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए शोभनदेव ने नीट में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए इसे आजाद भारत में शिक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा घोटाला बताया।
राज्य की नई मेडिकल प्रवेश परीक्षा शुरू करने की योजना का उल्लेख, बड़े पैमाने पर सार्वजनिक हित में कदम उठाने का दावा
प्रस्ताव के अनुसार राज्य सरकार मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए एक नई प्रवेश परीक्षा शुरू करेगी। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य के छात्रों के लिए अधिक अवसर प्रदान करना और नीट ( NEET Exam ) के प्रारूप पर चिंताओं को दूर करना है। प्रस्ताव में स्वतंत्र और निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करने में कथित असमर्थता के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की निंदा की गई है। साथ ही राज्य सरकार से बड़े पैमाने पर सार्वजनिक हित के लिए राज्य में संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का आग्रह किया गया है।
भाजपा ने किया विरोध
दूसरी तरफ भाजपा विधायक शंकर घोष ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि नीट ( NEET Exam ) मामले में तृणमूल को चर्चा करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि शिक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ा घोटाला तृणमूल के शासनकाल में बंगाल में हुआ है। इससे पहले तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक सरकार ने नीट परीक्षा से बाहर होने और अपना एक नई मेडिकल प्रवेश परीक्षा शुरू करने के लिए प्रस्ताव पारित किया। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नीट-यूजी 2024 परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया और कहा कि प्रश्न पत्रों के प्रणालीगत लीक और अन्य कदाचार का संकेत देने के लिए रिकॉर्ड पर कोई डेटा नहीं पाया गया है।