
Slaughter House incident Bhopal: (photo: freepik)
Slaughter House Incident: स्लॉटर हाउस में नियमों को ताक पर रखकर की जा रही अवैध कटाई का मामला गहराता जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार स्लॉटर हाउस में 14-15 साल की निर्धारित उम्र के बजाय 4 से 8 साल के दुधारू और स्वस्थ भैंसों को काटा जा रहा है। यहां छोटे-छोटे बछड़ों और पाड़ों के अवशेष के साक्ष्य मिले हैं।
बता दें कि पीएचक्यू (PHQ) के सामने 26 टन गोमांस से भरा ट्रक मिला था। इस मांस को स्लॉटर हाउस से मुंबई भेजने का सर्टिफिकेट नगर निगम ने जारी किया था। निगम के डॉक्टर ने इस मांस को भैंस का बताते हुए इंसानों के उपभोग के लिए फिट माना था।
नियम है कि बिना पशु चिकित्सक की जांच और उम्र निर्धारण के किसी पशु को नहीं काटा जाएगा, लेकिन यहां बिना जांच के ही वध का खेल चल रहा था।
आधुनिक मशीनों और सीसीटीवी की मौजूदगी के बावजूद पशुओं को बिना बेहोश किए और अनावश्यक पीड़ा देकर काटा जा रहा था।
स्वास्थ्य मानकों के अनुसार जमीन पर मांस का संपर्क प्रतिबंधित है, लेकिन सबूत बताते हैं कि यहां स्वच्छता के मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।
विवादित सर्टिफिकेट जारी करने के बाद से डॉक्टर ने चुप्पी साध ली है। वे न फोन उठा रहे हैं और न ही दफ्तर में मिल रहे हैं।
पशु संबंधी कामकाज संभालने वाले अपर आयुक्त ने सवालों पर फोन काट दिया। स्लॉटर हाउस की नियमावली इनके पास नहीं है।
भोपाल शहर की मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को स्लॉटर हाउस के संचालन की बुनियादी प्रक्रिया तक की जानकारी नहीं है, जिससे प्रबंधन की पोल खुल गई है।
Published on:
13 Jan 2026 10:33 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
