– कोटा से मंगवाए 2800 फीट लंबे जाल से जलकुंभी ‘लॉक’ अजमेर. आनसागर झील में पिछले तीन माह से निगम व जिला प्रशासन की गलफांस बनी जलकुंभी आखिरकार फिलहाल ‘जाल’ में फंस गई है। निगम प्रशासन को इससे कुछ राहत मिली है। हालांकि इसे ही जलकुंभी से निजात पाने का अंतिम और प्रभावी उपाय नहीं माना […]
- कोटा से मंगवाए 2800 फीट लंबे जाल से जलकुंभी ‘लॉक’
अजमेर. आनसागर झील में पिछले तीन माह से निगम व जिला प्रशासन की गलफांस बनी जलकुंभी आखिरकार फिलहाल ‘जाल’ में फंस गई है। निगम प्रशासन को इससे कुछ राहत मिली है। हालांकि इसे ही जलकुंभी से निजात पाने का अंतिम और प्रभावी उपाय नहीं माना जा रहा है। फिलहाल आनासागर में फैली जलकुंभी को 2800 फीट लंबे जाल में लेकर रीजनल कॉलेज चौपाटी पर लॉक कर दिया गया है। इससे अब आनासागर क्रिश्चियनगंज क्षेत्र की ओर साफ नजर आने लगा है। अभियान के तहत रीजनल कॉलेज चौपाटी एसटीपी के पीछे तीन पोकलेन एवं होटल लेक हेवन के पीछे डीविडिंग मशीन से जलकुंभी को निकाला जा रहा है।
जलकुंभी को किया ‘लॉक’नगर निगम आयुक्त देशलदान चारण ने शनिवार सुबह 10.30 बजे झील का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कोटा से विशेष प्रकार के 2800 फीट लंबे जाल मंगवाकर एसटीपी के पीछे से रीजनल कॉलेज चौपाटी तक जलकुंभी को लॉक कर हवा से होने वाले उसके फैलाव को रोका गया है। झील में ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए एरिएटर एवं फाउंटेन स्थापित किए गए हैं।
विशेष टास्क फोर्स ने सागर विहार कॉलोनी, जी माल के पीछे पुरानी चौपाटी, रामप्रसाद घाट, लव-कुश उद्यान, ट्राम्बे के आसपास से टापू के आगे तक जलकुंभी साफ कर दी गई है। अब जलकुंभी का फैलाव वर्तमान में रीजनल कॉलेज चौपाटी के आसपास तक सीमित हो गया है। कार्य की ड्रोन फोटोग्राफी करवाई जाकर सीसीटीवी कैमरे से मॉनिटरिंग की जा रही है।1 जून को आएंगी नागपुर, लखनऊ की टीम
राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट नागपुर एवं राष्ट्रीय बोटेनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट लखनऊ की टीम झील में जलकुंभी के नियंत्रण एवं स्थाई समाधान के लिए अजमेर आएगी। निरीक्षण बाद विस्तृत कार्य योजना तैयार कर रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त को सौंपी जाएगी।
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आंकड़ों में काम
20 मार्च 2024 - आनासागर झील से जलकुंभी निकालने का अभियान शुरू
11250 डंपर - जलकुंभी झील से बाहर निकालने का दावा